केंद्र ने नहीं दिए पैसे, 11 लाख लोगों की पेंशन चार महीने से बंद

केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं बेपटरी हो गई हैं। इन योजनाएं से जुड़े करीब 11 लाख लोग पिछले चार महीने से पेंशन की बाट जोह रहे हैं। राज्य सरकार ने दो माह पूर्व उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजा था। लेकिन केंद्र से पैसे न मिलने के कारण ऐसे हालात बने हैं। वहीं राज्य सरकार की सर्वजन पेंशन योजना नियमित रूप से चल रही हैं। झारखंड में बुजुर्गों और असहायों के लिए केंद्र सरकार की चार योजनाएं चल रही हैं। इसके तहत सभी लाभुकों को 1000-1000 रुपए दिए जाते हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। लेकिन समय पर पैसे न मिलने से वे परेशान हैं। राज्य सरकार ने इसके लिए 100 करोड़ रुपए का कॉरपस फंड बना रखा है। आवंटन में देरी होने पर इस फंड से लाभुकों को पेंशन दी जाती है। कंद्र से पैसे मिलने में देरी होने पर राज्य सरकार ने इस फंड का उपयोग कर लिया है। अब केंद्र के हिस्से की राशि की प्रतीक्षा है, ताकि लाभुकों को बकाया राशि एक साथ दी जा सके। दो माह पहले भेजा था उपयोगिता प्रमाण पत्र
केंद्र सरकार की ओर से अक्टूबर तक की राशि भेज दी गई थी। सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने करीब दो माह पहले उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजा। इसमें देरी के कारण ही केंद्र का हिस्सा नहीं मिला। ऐसे में राज्य ने भी अपना हिस्सा जारी नहीं किया। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च तक केंद्र का हिस्सा मिल जाएगा। इसके बाद एक साथ बकाया पेंशन राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
जानिए कौन-कौन सी हैं केंद्रीय योजनाएं और किसके कितने लाभुक
योजना आयु वर्ग केंद्र-राज्य का हिस्सा कुल लाभुक आईजीआर वृद्धावस्था पेंशन 60-79 वर्ष 200 और 800 रुपए 8,30,786 80 वर्ष या अधिक 500 और 500 रुपए आईजीआर विधवा पेंशन 40 वर्ष या उससे अधिक 300 और 700 रुपए 2,36,122 80 वर्ष या उससे अधिक 500 और 500 रुपए आईजीआर दिव्यांग पेंशन 18 वर्ष या उससे अधिक 300 और 700 रुपए 24,467 80 वर्ष या उससे अधिक 500 और 500 रुपए {इन योजनाओं में भी 1000 रु. पेंशन राशि दी जाती है। इसका भुगतान राज्य सरकार करती है। लाभुकों को जनवरी तक की पेंशन मिल चुकी है। राज्य सरकार की योजनाओं में कितने लाभुक सीएम वृद्धावस्था पेंशन योजना 27,01,017 सीएम आदिम जनजाति पेंशन 80,353 सीएम निराश्रित महिला पेंशन 5,01,079 सीएम एचआईवी-एड्स पेंशन 8319 स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन योजना 3,10,186 इन सभी योजनाओं के लिए अर्हता सभी आवेदक को गरीबी रेखा से नीचे का होना चाहिए। दिव्यांगता पेशन योजना में आवेदक की दिव्यांगता 80 प्रतिशत या उससे अधिक हो। राष्ट्रीय पारिवारिक हित लाभ घर के मुखिया (18 से 59 वर्ष) की मौत होने पर आश्रितों को एकमुश्त 20 हजार रुपए (केंद्रांश) मिलते हैं।

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