प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), रांची ज़ोनल ऑफिस ने 521 करोड़ रुपए के कथित चिटफंड घोटाला में मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों चंद्रभूषण सिंह व प्रियंका सिंह के प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के जरिए करीब 11 करोड़ रुपए की संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की हैं। ईडी की यह जांच झारखंड पुलिस द्वारा जमशेदपुर के साकची व गोविंदपुर थानों में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। आरोप है कि कंपनी ने 15 से 20% आजीवन मासिक रिटर्न का लालच देकर निवेश जुटाया और बाद में भुगतान बंद कर दिया। दोनों आरोपियों को 3 मार्च 2023 को भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था। ईडी के अनुसार, कंपनी ने कोई वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि नहीं चलाई और नए निवेशकों की राशि से पुराने निवेशकों को रिटर्न दिया जाता रहा- जो एक क्लासिक पोंजी मॉडल है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने स्वयं को एनएसई का अधिकृत व्यक्ति बताकर भरोसा दिलाया। जबकि आरबीआई के अनुसार, कंपनी के पास कोई एनबीएफसी पंजीकरण नहीं था। 21 बैंक खातों में कुल 521.45 करोड़ रुपए के जमा का पता चला, जिनमें से 249.69 करोड़ रुपए कथित रिटर्न में खर्च हुए और 58.27 करोड़ रुपए रियल एस्टेट, सोने के आभूषण व क्रिप्टोकरेंसी में लगाए गए। एजेंसी ने दोनों निदेशकों को 16 दिसंबर 2025 को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। अभी दोनों बिरसा मुंडा जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।


