राजबाड़ा क्षेत्र में ट्रैफिक सुधार के लिए एक और प्रयास किया गया है। तय किया गया है कि दुकानों के सामने सफेद पट्टी के बाहर वाहन खड़े नहीं करेंगे। ऐसा किया तो पुलिस चालान बनाएगी। फेरीवाले फुटपाथ पर नहीं बैठ सकेंगे। सराफा, धान गली, शकर बाजार, आड़ा बाजार, बर्तन बाजार के साथ ही सभी व्यापारी अब निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही वाहन खड़े करेंगे। दरअसल, राजबाड़ा के आसपास खजूरी बाजार, जवाहर मार्ग, कपड़ा मार्केट, सराफा, पीपली बाजार व संजय सेतु क्षेत्र में बेतरतीब पार्किंग व नो एंट्री में वाहनों के प्रवेश के कारण बार-बार जाम की स्थिति बनती है। इससे निपटने के लिए सोमवार को व्यापारियों के साथ ट्रैफिक और नगर निगम अधिकारियों ने बैठक की और इसके समाधान तलाशे। तय किया हर 15 दिन में इन व्यवस्थाओं की संयुक्त समीक्षा की जाएगी। व्यापारी व्यापारी एसोसिएशन की ओर से हुकुम सोनी, कैलाश मूंगड़, अविनाश शास्त्री, बसंत सोनी, अभिजीत वर्मा, रजनीश चौरड़िया, अक्षय जैन आदि ने कहा, व्यापारी पुलिस का पूरी तरह सहयोग करेंगे। व्यापारी स्वयं भी अपने वाहन निर्धारित पार्किंग में ही रखेंगे, जिससे व्यवस्था बनी रहे। पुलिस ट्रैफिक डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया व्यापारियों के साथ स्टाफ को स्पष्ट किया है कि नगर निगम सड़क और फुटपाथ पर दोबारा कब्जे न होने दे। जाम लगने व नो एंट्री में वाहनों के प्रवेश की शिकायत के लिए वाट्सएप ग्रुप बनाया है। व्यापारी इस ग्रुप पर समस्या बता सकेंगे। ट्रैफिक सुधार के लिए व्यापारी खुद पहल करेंगे, पुलिस सहयोग करेगी व्यापारियों के वाहन यहां पार्क होंगे प्रयास अच्छा, लेकिन चुनौतियां कम नहीं 1. सिटी बसों को किया था प्रतिबंधित : 5 साल पहले राजबाड़ा इलाके में सिटी बसों को प्रतिबंधित किया था। इनके स्थान पर टाटा मैजिक, रिक्शा व ई-रिक्शा को अनुमति दी थी। फिलहाल सभी की आवाजाही है। 2. स्टॉप पर ही लोक परिवहन के वाहन रुकेंगे : 3 साल पहले अधिकारियों ने राजबाड़ा पर ट्रैफिक दबाव देखते हुए लोक परिवहन के वाहनों के लिए गाइड लाइन तय की थी कि वे निर्धारित स्टॉप पर ही रुकेंगे। 3. सड़क का सामान निगम का : ट्रैफिक पुलिस व नगर निगम ने मुहिम चलाई थी कि सड़क पर यदि कोई भी व्यापारी सामान रखेगा तो वह निगम का होगा। 4. सफेद और पीली पट्टी का नियम : अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या देखते हुए सफेद और पीली पट्टी से मार्किंग तय की गई थी।


