उदयपुर शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर शहरवासियों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। हिरणमगरी सेक्टर तीन के तिलक नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों के झुंड ने भय और असुरक्षा का माहौल बना दिया है। यहां इस कॉलोनी में कुत्तों का राहगीरों का पीछा करना, लपकना अब रोजमर्रा की घटना हो गई है। इससे बच्चे, महिलाएं एवं बुजुर्ग स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। तिलक नगर निवासी अंकिता छाजेड़ ने बताया कि वे या उनके बच्चे जैसे ही घर से साईकिल या पैदल निकलते हैं, कुत्ते पीछे पड़ जाते हैं। हर दिन डर के साथ घर से निकलना पड़ता है। समझ नहीं आता कब कौन सी घटना हो जाए। कॉलोनी में रहने वाली निशा चपलोत ने बताया कि पिछले दिनों वे बच्चों को स्कूल से लेकर लौट रही थीं, तब ही कुत्ते अचानक पीछे पड़ गए और वे गिरते-गिरते बचीं। अगर उस दिन संतुलन बिगड़ जाता तो हादसा हो जाता। गली में बुजुर्गों का सुबह-शाम टहलना बंद हो गया है और बच्चे बाहर खेलने से डर रहे हैं। शानी जैन एवं खुशबु जैन ने कहा कि गली से बाहर निकलते ही कुत्ते परेशान करने लगते हैं। कई बार राहगीरों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया है। हर दिन किसी न किसी को डरकर भागना पड़ता है। प्राची मारू ने बताया कि सुबह सैर पर निकलते समय कुत्तों के पीछे पड़ने से वे गिर गईं। आसपास के लोगों ने आवाज सुनकर मदद की, तब जाकर वे सुरक्षित बच सकीं। इंसानों की सुरक्षा और कॉलोनी में शांतिपूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कॉलोनीवासियों की एक बैठक भी हुई। बैठक में महिलाओं ने कुत्तों के आंतक से यहां बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग कोई भी सुरक्षित नहीं हैं। चेतावनी देते हुए रहवासियों ने कहा कि यदि शीघ्र सुनवाई नहीं हुई तो वे जिला कलेक्टर सहित संबंधित सभी स्तरों पर अपनी बात रखेंगे। इस दौरान हीना नाहर, रवि इडिवाल, संदीप नाहर, प्रसून जैन, प्रदीप चपलोत, विक्की कोठारी, विकास छाजेड़ आदि उपस्थित रहे।


