भास्कर न्यूज | गढ़वा सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त दिनेश यादव की अध्यक्षता में कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। कृषि विभाग अंतर्गत बीज वितरण, कृषक प्रशिक्षण, फसल उत्पादन कार्यक्रम, केंद्र प्रायोजित योजनाओं तथा सॉयल हेल्थ एवं फर्टिलिटी (मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता) कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी और ससमय करने का निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक किसानों को योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। समीक्षा के दौरान कुछ योजनाओं की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई और अगली बैठक तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, झारखंड राज्य मिलेट्स मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने और लाभुकों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। उद्यान विभाग के अंतर्गत उद्यान विकास योजनाओं एवं राष्ट्रीय बागवानी मिशन की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण पौधारोपण, क्षेत्र विस्तार व किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिया। पशुपालन एवं गव्य विभाग के तहत गव्य विकास, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम तथा पशु शेड वितरण योजना की समीक्षा की गई। लाभुक चयन में पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। मत्स्य विभाग के अंतर्गत तालाबों व जलाशयों में मत्स्य विकास, मत्स्य बीज वितरण, बीमा एवं सब्सिडी योजनाओं की समीक्षा करते हुए मत्स्य उत्पादक समूहों को सशक्त बनाने की आवश्यकता बताई गई। सहकारिता विभाग की समीक्षा में विभिन्न क्षमता वाले गोदाम निर्माण, उर्वरक अनुज्ञप्ति निर्गत करने तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (रबी) की प्रगति की जानकारी ली गई। बैठक में उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, जिला कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान, जिला मत्स्य पदाधिकारी धनराज कापसे, जिला सहकारिता पदाधिकारी नीलम कुमारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी विद्यासागर सिंह, जिला गव्य विकास पदाधिकारी गिरीश कुमार, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी चंद्र किशोर, उपनिदेशक आत्मा योगेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।


