भास्कर न्यूज | पबिया बांकुडीह में आयोजित सात दिवसीय श्रीरामचरितमानस यज्ञ का समापन सोमवार को विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और प्रसाद भंडारे के साथ श्रद्धा व उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समस्त ग्रामीण श्रद्धालुओं ने यज्ञ में सहभागिता निभाते हुए परिक्रमा पूर्ण की और पुण्य लाभ अर्जित किया। हवन के दौरान अग्नि देव को आहुतियां अर्पित की गईं और गांव की सुख-शांति, समृद्धि तथा विश्व कल्याण की कामना की गई। आचार्य ने मंत्रों के महत्व और यज्ञ के आध्यात्मिक फल पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है तथा मानव जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यज्ञ के उपरांत प्रसाद भंडारे का आयोजन किया,जिसमें गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि सात दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन कथा, भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया,जिससे ग्रामीणों में धर्म और संस्कृति के प्रति आस्था और अधिक प्रगाढ़ हुई। रात्रि में कथा वाचन का विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें कथा वाचिका विदुषी अंजनी गोस्वामी ने संगीतमय शैली में राम कथा, कृष्ण कथा, भागवत कथा तथा रासलीला की भावपूर्ण व्याख्या की। राम के आदर्श चरित्र, मर्यादा और भक्ति भाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि रामचरितमानस मानव जीवन को सदाचार, सत्य और सेवा का मार्ग दिखाती है। वहीं कृष्ण लीला और रासलीला के प्रसंगों के माध्यम से भक्ति, प्रेम और कर्म के महत्व को सरल शब्दों में समझाया। कथा के दौरान श्रद्धालु झूमते-गाते नजर आए और देर रात तक कार्यक्रम चलता रहा।


