भास्कर न्यूज | जामताड़ा नगर निकाय चुनाव के बीच शहर के मुख्य बाजार स्थित कायस्थपाड़ा मोड़ पर आचार संहिता अनुपालन को लेकर सोमवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एफएसटी (फ्लाइंग स्क्वॉड टीम) ने दुकानों पर लगे झंडे और बैनर के संबंध में सहमति पत्र दिखाने को कहा। टीम की इस कार्रवाई पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और मौके पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। मौके पर मौजूद दंडाधिकारी व पुलिस अधिकारी आरके गुप्ता और भाजपा नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र मंडल और जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दुकानदारों ने अपनी सहमति से झंडे लगाए थे और इस संबंध में प्रशासन को कोई शिकायत भी नहीं मिली थी। इसके बावजूद भाजपा समर्थित प्रत्याशी को निशाना बनाकर कार्रवाई की जा रही है। जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के तहत की जाने वाली हर कार्रवाई निष्पक्ष और न्यायसंगत होनी चाहिए। किसी विशेष प्रत्याशी को लक्ष्य बनाकर कार्रवाई करना गलत है। वहीं, वीरेंद्र मंडल ने कहा प्रशासन दबाव में काम कर रहा है और भाजपा प्रत्याशी को हराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार शुरू से ही नगर निकाय चुनाव कराने के पक्ष में नहीं थी और अदालत के आदेश के बाद ही प्रक्रिया शुरू हुई है। दूसरी ओर, एफएसटी टीम के दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया कि टीम झंडा या बैनर हटाने नहीं आई थी, बल्कि केवल दुकानदारों से सहमति पत्र की जांच कर रही थी। उन्होंने कहा कि यह नियमित आचार संहिता जांच का हिस्सा है और टीम को इसी के तहत कार्रवाई के निर्देश मिले हैं। अध्यक्ष पद की प्रत्याशी रीना कुमारी पर मामला दर्ज भाजपा समर्थित अध्यक्ष पद की उम्मीदवार रीना कुमारी पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज होने की सूचना के बाद कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। मामला सामने आने के बाद शहर के राजनीतिक माहौल में गर्माहट बढ़ गई है।


