मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) भोपाल में 16 फरवरी को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। छात्रों ने इस घटना के खिलाफ विरोध जताते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। छात्रों के अनुसार, 16 फरवरी की रात को MANIT परिसर में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने प्रवेश कर छात्रों पर लाठीचार्ज किया। बताया जा रहा है कि छात्र किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल थे, लेकिन पुलिस ने बिना किसी उकसावे के उन पर हमला किया। इस लाठीचार्ज में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए, कुछ को गंभीर चोटें आईं और चार से पांच छात्रों की हड्डियां तक टूट गईं। दूसरी तरफ इस मामले में पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी गठन कर दी है। प्रशासन और पुलिस पर आरोप छात्रों ने पत्र में लिखा है कि MANIT के निदेशक ने न केवल छात्रों पर हमला किया बल्कि पुलिस को बुलाकर उनके खिलाफ बल प्रयोग भी कराया। पुलिस ने हॉस्टलों में घुसकर छात्रों को जबरन बाहर निकाला, उनके कमरों में तोड़फोड़ की और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। छात्रों ने पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि MANIT के छात्रों को 19 फरवरी को होने वाली इंटर-NIT वॉलीबॉल और हैंडबॉल प्रतियोगिताओं में भाग लेने से रोक दिया गया। छात्रों ने कहा इस तरह की दी जा रहीं धमकियां यह हैं मांगे पुलिस ने कहा था
कमला नगर थाना प्रभारी निरूपा पांडे ने बताया कि रविवार देर रात सेकेंड ईयर के कुछ छात्र मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी उनकी बाइक एक फर्स्ट ईयर के छात्र से टकरा गई। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया, जो जल्द ही बढ़ गया। इसकी सूचना मिलते ही MANIT प्रबंधन ने पुलिस को बुलाया। हमारी टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। जानकारी के मुताबिक, फर्स्ट ईयर और सेकेंड ईयर के छात्रों के बीच पहले से ही तनाव चल रहा था। घटना के बाद बड़ी संख्या में दोनों हॉस्टल के छात्र बिल्डिंग के बाहर इकट्ठा हो गए और बहस शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख मैनेजमेंट ने पुलिस को बुलाया।पुलिस के कैंपस पहुंचते ही सबसे पहले हॉस्टल्स की चेकिंग शुरू की गई और छात्रों को वापस हॉस्टल भेजने का प्रयास किया गया। पढ़ें पूरी खबर


