ग्वालियर पुलिस अब खरगोन की अवैध हथियार फैक्ट्री में तैयार की गई आठ पिस्टलों की तलाश में जुट गई है। ये पिस्टल पिछले चार महीनों में ग्वालियर-चंबल अंचल के विभिन्न शहरों में खपाई गई थीं। यह खुलासा पकड़े गए हथियार तस्करों अंकित और शिवम ने क्राइम ब्रांच की पूछताछ में किया है। रविवार को पुलिस ने दोनों बदमाशों को पिस्टल और मैग्जीन के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से छह पिस्टल बरामद हुई थीं। पूछताछ में सामने आया कि वे एक महीने पहले तीन पिस्टल और चार महीने पहले पांच पिस्टल की डील कर चुके हैं। इस तरह कुल आठ पिस्टल पहले ही बिक चुकी हैं, जिनकी अब पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस को आशंका है कि अंचल में हुई बड़ी वारदातों में इन हथियारों का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। आगे किसी वारदात से पहले हथियार खरीदने वालों तक पहुंचने की रणनीति बनाई जा रही है। 12 हजार में खरीदी, 50 हजार में बेची तस्करों ने पूछताछ में बताया कि खरगोन में बनी पिस्टलों की मांग ग्वालियर-चंबल अंचल में तेजी से बढ़ी है। ये पिस्टल ऑटोमैटिक और हल्की होती हैं, जिससे अपराधियों में इनका आकर्षण ज्यादा है। भिंड, मुरैना और ग्वालियर में अवैध हथियार कारखानों पर पुलिस की सख्ती बढ़ने के कारण खरगोन के हथियारों की मांग और बढ़ गई है। तस्करों ने बताया कि वे एक पिस्टल 10 से 12 हजार रुपये में खरीदते थे, जिसे ग्वालियर-चंबल अंचल के शहरों में 40 से 50 हजार रुपये में बेचा जाता था। अंचल के युवाओं में पिस्टल का क्रेज तस्करों के अनुसार ग्वालियर, भिंड और मुरैना के युवाओं में पिस्टल रखने का क्रेज बढ़ रहा है। यहां अवैध हथियार रखना शान माना जाता है। इसी कारण लेटेस्ट मॉडल की पिस्टल 50 हजार रुपये से अधिक में भी बिक जाती है। कई युवक सोशल मीडिया पर स्टेटस और दिखावे के लिए भी पिस्टल की मांग करते हैं। चार महीने में ला चुके हैं 14 पिस्टल पकड़े गए हथियार तस्कर 21 वर्षीय शिवम पिता श्रीनिवास तिवारी, निवासी बनखंडी रोड, त्रिवेणी धर्मशाला, गोपालपुरा, मुरैना और 23 वर्षीय अंकित पिता सेवाराम शर्मा, निवासी पलपुरा, बसई मृगपुरा, मुरैना ने बताया कि पिस्टल के साथ यह उनका तीसरा टूर था। इस बार वे 6 पिस्टल और पांच मैग्जीन लेकर आए थे। आरोपियों ने बताया कि एक महीने पहले वे तीन पिस्टल बेच चुके हैं, जबकि चार महीने पहले पांच पिस्टल अंचल में खपा चुके थे। इस तरह चार महीनों में वे कुल 14 पिस्टल ला चुके हैं। ऐसे पकड़े गए हथियार तस्कर ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि रविवार को क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि हथियार तस्कर अवैध हथियार लेकर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही डीएसपी क्राइम नागेंद्र सिंह सिकरवार और मनीष यादव को तस्दीक व कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अमित शर्मा के नेतृत्व में तीन टीमें बनाकर घेराबंदी की गई। एक टीम ने ग्वालियर–झांसी बायपास स्थित सूरों बेहटा पुल के पास कच्चे रास्ते पर चेकिंग लगाई। चेकिंग के दौरान एमपी 09-एएच-9616 नंबर की रॉयल एनफील्ड बाइक पर सवार दो युवक आते दिखे, जो पुलिस को देखते ही बाइक मोड़कर भागने का प्रयास करने लगे। शक होने पर क्राइम ब्रांच ने उन्हें पकड़कर तलाशी ली। तलाशी में एक युवक की कमर से एक अवैध पिस्टल बरामद हुई। इसके बाद बैग की जांच की गई, जिसमें पांच पिस्टल और पांच मैग्जीन मिलीं। हथियार बरामद होते ही दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया गया। एएसपी क्राइम ब्रांच सुमन गुर्जर ने कहा- इनका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। साथ ही पता लगाया जा रहा है कि यह कितनी बार खरगोन से यहां हथियार लेकर आए हैं। यहां स्थानीय स्तर पर किस-किस को हथियार बेचे हैं।


