मप्र विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू हुआ। लेकिन विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के कारण वे अपना भाषण पूरा नहीं कर सके और बीच में ही सदन से चले गए। राज्यपाल ने सुबह 11:12 बजे अभिभाषण पढ़ना शुरू किया। 11:20 बजे विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। करीब 7 मिनट तक वे शोर-शराबे के बीच अपना भाषण पढ़ते रहे। इस दौरान सत्तापक्ष मेजें थपथपाकर समर्थन जताता रहा, जबकि विपक्ष लगातार नारेबाजी करता रहा। आखिर 11:27 बजे राज्यपाल सदन से प्रस्थान कर गए। बाद में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने घोषणा की कि अभिभाषण के शेष भाग को पढ़ा हुआ माना जाएगा। इससे पहले सदन की कार्यवाही राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के समूहगान से शुरू हुई। राष्ट्रगीत के सभी छह छंदों का पूर्ण गायन किया गया। हंगामा इसलिए… शिप्रा को दूषित पानी से बचाने का जिक्र होते ही विपक्ष ने इंदौर का मुद्दा उठाया हंगामे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने मंत्री चैतन्य काश्यप ने कांग्रेस के प्रदर्शन को गैर जिम्मेदाराना बताया। कहा- राज्यपाल के अभिभाषण में टोका-टाकी संसदीय परंपरा के खिलाफ है। कांग्रेस विकास में बाधा डाल रही है। मंत्रियों से इस्तीफा मांगने का अधिकार नहीं। विजय शाह 4 बार माफी मांग चुके हैं। इंदौर मामले में आईएएस निलंबित हुआ। सरकार सवालों के जवाब को तैयार है। राज्यपाल के अभिभाषण के 10 बिंदु केन-बेतवा लिंक परियोजना:
देश की पहली अंतरराज्यीय नदी जोड़ो परियोजना का निर्माण शुरू। शिलान्यास 25 दिसंबर 2025 को हुआ। महिला सशक्तिकरण:
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता। 450 रुपए में गैस रिफिल की सुविधा। सिंहस्थ 2028 की तैयारी:
उज्जैन में सिंहस्थ आयोजन के लिए 2026-27 बजट में 3,105 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित। सड़क नेटवर्क – विकासपथ:
नर्मदा, विंध्य, मालवा-निमाड़, अटल और बुंदेलखंड विकासपथ स्वीकृत। कुल लागत 36,483 करोड़ रुपए। ऊर्जा क्षमता विस्तार:
प्रदेश की विद्युत उपलब्धता 25,514 मेगावाट तक पहुंची। सौर ऊर्जा और पंप स्टोरेज पर विशेष जोर। शिक्षा में सुधार:
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत 799 पीएम श्री विद्यालय संचालित। 100% साक्षरता का लक्ष्य निर्धारित।


