स्कूटी पाकर खिले 84 छात्राओं के चेहरे:बोली- अब कॉलेज आने होगी आसानी, बस-टेक्सी के सफर से मिली आजादी

पाली के बांगड़ कॉलेज परिसर में मंगलवार को स्कूटी वितरण प्रोग्राम का आयोजन किया गया। जिसमें अतिथि के रूप में पाली पंचायत समिति प्रधान मोहनीदेवी पटेल, पुखराज पटेल मौजूद रहे। इस दौरान कालीबाई भील मेघावी छात्रा स्कूटी योजना एवं देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत 54 कॉलेज तथा इंद्रा प्रियदर्शनी योजना के तहत 30 स्कूटी का वितरण छात्राओं में किया गया। छात्राओं को स्कूटी के साथ हेलमेट और, 2 लीटर पेट्रोल भी स्कूटी में डालकर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्राएं, उनके परिजन और कॉलेज स्टॉफ मौजूद रहा। बांगड़ कॉलेज के प्रिंसिपिल डॉ एमएस राजपुरोहित ने बताया कि योजना के तहत दूसरे चरण में आज स्कूटियों का वितरण किया गया। इस दौरान लेक्चरर अपूर्व माथुर, श्यामलाल तोसावरा, रश्मी पाठक, विनिता अरोड़ा, श्रवणसिंह, गिरिशमल, महेश वैष्णव सहित कॉलेज स्टॉफ मोतीदास और जगदीश कुमार मौजूद रहे। छात्राओं ने शेयर किए अनुभव

अब कॉलेज आने में नहीं होगी देरी
पाली के रजत नगर में रहने वाली बांगड़ कॉलेज की स्टूडेंट गायत्री कुमावत ने बताया कि वह अपनी सहेलियों के साथे शेयरिंग में टेक्सी लेकर बांगड़ कॉलेज आना-जाना करती है। ऐसे में कई बार लेट भी हो जाते थे और आने-जाने का किराया भी ज्यादा लगता था। अब सरकार की ओर से स्कूटी मिली हैं काफी खुश हूं। अब स्कूटीसे कॉलेज आना-जाना करूंगी। घर से 20 KM दूर है कॉलेज
पाली जिले के सांडेराव की रहने वाली नमिता ने बताया कि वह रानी में कॉलेज में पढ़ती है। जो उसके गांव से करीब 20 किलोमीटर दूर है। रोजाना बस से आना-जाना होता है। कई बार लेट भी हो जाती है। अब स्कूटी मिली है तो उससे कॉलेज जाऊंगी और कॉलेज लेट भी नहीं पहुंची। बस के झंझट से मिली मुक्ति
अटपड़ा गांव की रहने वाली कुसुम प्रजापति ने बताया कि वह सोजत कॉलेज में पढ़ाई करती है। रोजाना अटपड़ा से बस से सोजत आती है और फिर आगे कॉलेज तक का सफर पैदल करना पड़ता है। कई बार समय पर बस नहीं मिलने से कॉलेज पहुंचने में देरी भी हो जाती थी। अब स्कूटी मिल गई है तो इससे कॉलेज जाऊंगी और लेट भी नहीं होगा।

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