CBSE की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गई हैं। इस साल बोर्ड परीक्षाओं में कुल 46 लाख से अधिक स्टूडेंट शामिल हो रहे हैं। इनमें लगभग 25 लाख छात्र 10वीं में और 18.5 लाख छात्र 12वीं में परीक्षा देंगे। इसी बीच CBSE ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा और प्रश्न पत्र में आपत्ति जताने को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। CBSE ने कहा है कि 10वीं के सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में उसे जरूरी रिपीट श्रेणी में रखा जाएगा। यानी ऐसे छात्र दूसरी बोर्ड परीक्षा में नहीं बैठ सकेंगे। वहीं प्रश्न पत्र को लेकर सभी आपत्तियां केवल OECMS पोर्टल पर ही अपलोड की जाएं। इसके अलावा किसी और माध्यम से दर्ज की गई आपत्तियां मान्य नहीं की जाएंगी। सीएम विष्णु देव साय ने भी बच्चों के नाम पत्र लिखकर सभी स्टूडेंट को परीक्षा के लिए ऑल द बेस्ट कहा है। उन्होंने बच्चों से कहा है परीक्षा के समय उत्साह और तनाव दोनों स्वाभाविक हैं। डर कमजोरी नहीं, जिम्मेदारी का संकेत है—इसे आत्मविश्वास पर हावी न होने दें। अब समझिए पहली बोर्ड परीक्षा देना क्यों जरूरी है CBSE ने साफ कर दिया है कि कक्षा 10वीं के सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। दूसरी बोर्ड परीक्षा कोई अलग या वैकल्पिक परीक्षा नहीं है, बल्कि यह सिर्फ उन्हीं छात्रों के लिए है जिन्होंने पहली परीक्षा दी है और उसमें पास हुए हैं या जिनका परिणाम कंपार्टमेंट आया है। जानिए, तीन या अधिक विषय नहीं देने पर क्या होगा अगर कोई छात्र किसी भी कारण से पहली बोर्ड परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों की परीक्षा नहीं दे पाता, तो उसे दूसरी बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी। ऐसे छात्रों को CBSE “एसेंशियल रिपिट” की श्रेणी में रखेगा। इसका मतलब यह है कि अब वह छात्र इसी साल दूसरी परीक्षा नहीं दे सकेगा और उसे अगले साल फरवरी में होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा में दोबारा शामिल होना पड़ेगा। दूसरी बोर्ड परीक्षा का मौका किन छात्रों को मिलेगा दूसरी बोर्ड परीक्षा का मौका उन्हीं छात्रों को दिया जाएगा जो पहली परीक्षा में पास हो चुके हैं और अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं। ऐसे छात्र अधिकतम तीन मुख्य विषयों में ही सुधार परीक्षा दे सकते हैं। इसके अलावा जिन छात्रों का रिजल्ट पहली परीक्षा में कंपार्टमेंट आया है, उन्हें भी दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति होगी। अतिरिक्त विषय को लेकर नियम क्या है CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि कक्षा 10वीं पास करने के बाद कोई नया या अतिरिक्त विषय जोड़ने की अनुमति नहीं होगी। छात्र केवल उन्हीं विषयों में परीक्षा दे सकेंगे, जो उनके मुख्य विषय हैं। अलग से किसी एक विषय (स्टैंड-अलोन सब्जेक्ट) की परीक्षा देने की इजाजत नहीं दी जाएगी। CBSE ने कहा – गलत जगह भेजी जा रही आपत्तियां CBSE ने स्कूलों को प्रश्नपत्रों को लेकर आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया पर भी निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी स्कूलों से प्रश्नपत्र से जुड़ी आपत्तियां मांगी जाती हैं, लेकिन हाल के वर्षों में शिकायत भेजने के तरीके में कई खामियां सामने आई हैं। CBSE के अनुसार कई स्कूल प्रश्नपत्र से जुड़ी आपत्तियां ऐसे ई-मेल आईडी पर भेज रहे हैं, जो इसके लिए निर्धारित नहीं हैं। कई बार कई दिन बाद आपत्तियां भेजी जाती हैं, और कई शिकायतें अस्पष्ट होती हैं, जैसे सिर्फ यह लिख देना कि “प्रश्न गलत है”, लेकिन यह न बताना कि गलती क्या है। आपत्ति दर्ज करने का सही तरीका CBSE ने प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए साफ किया है कि सभी आपत्तियां केवल OECMS पोर्टल पर ही अपलोड की जाएं। अगर किसी मुद्दे को स्पष्ट करने की जरूरत हो, तो उसका विवरण qpobservation@cbseshiksha.in पर ई-मेल किया जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि जिस दिन परीक्षा हो, उसी दिन आपत्ति दर्ज की जाए। इन स्थितियों में कोई कार्रवाई नहीं होगी बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि आपत्ति समय पर नहीं भेजी गई, आपत्ति स्पष्ट नहीं है, CBSE के निर्देशों का पालन नहीं किया गया या शिकायत बहुत सामान्य और अधूरी है तो CBSE उस पर कोई कार्रवाई नहीं करेगा।


