चित्तौड़गढ़ शहर के न्यू क्लॉथ मार्केट से 11 फरवरी को चाकू की नोक पर उठाकर ले जाए गए युवक कालू लाल माली ने अब इस मामले में दो और लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है। युवक का कहना है कि जिन छह आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, उनके अलावा भी इस पूरी घटना में कुछ अन्य लोग शामिल थे। कालू लाल माली ने बताया कि दो लोग अभी भी फरार हैं और वही इस साजिश के मुख्य मास्टरमाइंड हैं। उसका कहना है कि उसे लगातार फोन पर धमकियां मिल रही हैं, जिससे उसे और उसके परिवार को जान का खतरा बना हुआ है। डर के कारण अभी तक अपने घर भी नहीं जा पाया है। बता दे कि युवक 11 फरवरी की रात से हॉस्पिटल में एडमिट था। 11 फरवरी को हुई थी घटना 11 फरवरी की रात न्यू क्लॉथ मार्केट में कालू लाल माली को छह बदमाश जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए थे। बदमाशों ने उसे चाकू दिखाकर धमकाया और उसके पैर में वार कर घायल भी कर दिया था। घटना के बाद बाजार में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस सक्रिय हो गई और सिर्फ डेढ़ घंटे के अंदर युवक को बदमाशों के चंगुल से छुड़ा लिया गया। पुलिस ने इस मामले में भीलवाड़ा निवासी रतन माली, मनीष माली, चेतन माली, आशीष सुथार, शंभूलाल बलाई और रमेश चंद्र बलाई को गिरफ्तार किया था। घायल युवक का मेडिकल भी करवाया गया था। उस समय पुलिस ने इसे समाजिक और पारिवारिक तौर पर पुरानी रंजिश का मामला बताया था। पहले भी हो चुकी है मारपीट की घटना कालू लाल माली का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उसके साथ ऐसी घटना हुई हो। उसने बताया कि 26 जनवरी को भी कुछ लोग उसके गांव में आए थे और उसके साथ मारपीट की थी। उस समय गांव के लोगों के बीच-बचाव के कारण उसकी जान बच गई थी। युवक का आरोप है कि उस घटना और 11 फरवरी की किडनैपिंग के पीछे एक ही गिरोह का हाथ है। उसका कहना है कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड किशन उर्फ शानू और उसकी पत्नी हैं, जो अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। युवक के अनुसार यही लोग लगातार फोन कर उसे और उसके परिवार को धमका रहे हैं। जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा परिवार, सख्त कार्रवाई की मांग लगातार मिल रही धमकियों से परेशान कालू लाल माली अपने परिवार और गांव के लोगों के साथ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा। वहां उसने पुलिस प्रशासन से मांग की कि फरार आरोपियों की कॉल डिटेल निकाली जाए और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। परिवार का कहना है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक उन्हें खतरा बना रहेगा। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की भी मांग की है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जो भी आरोपी शामिल होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


