द रामेश्वरम कैफे की फ्रेंचाईजी दिलाने के नाम पर ठगी:कंपनी प्रतिनिधी बनकर ठग ने 11 किश्तों में ट्रांसफर कराए 56.26 लाख, फोन बंद होने पर कारोबारी ने पुलिस में की शिकायत

राजधानी में द रामेश्वरम कैफे की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर एक कारोबारी से 56.26 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर गंज थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करवाई और फिर मोबाइल बंद कर लिया। आरोपियों का नाम पुलिस द्वारा राघवेन्द्र राव, सह संस्थापक दिव्या राघवेन्द्र राव, हेड आफ डिपार्ट सौरभ अग्रवाल मोबाईल, पब्लिक रिलेशन मैनेजर डी राजकुमार तिवारी बताया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस जांच कर रही है। अब पढे क्या है पूरा मामला गंज थाना पुलिस के अनुसार, साई नगर जेल रोड निवासी व्यवसायी आशीष तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 3 जनवरी 2026 को मोबाइल नंबर 9583972865 और 9556434211 से कॉल कर आरोपी ने खुद को द रामेश्वरम कैफे की मालिक कंपनी अल्ट्रन वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का प्रतिनिधि बताया गया। आरोपियों ने रायपुर में फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर विभिन्न मदों के नाम पर अलग-अलग तिथियों में रकम जमा करवाई। शिकायत के मुताबिक, 15 जनवरी को लोकेशन लॉक करने के नाम पर 1.65 लाख, 21 जनवरी को फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट के नाम पर 3.75 लाख, 22 जनवरी को एनओसी के लिए 2.25 लाख, 23 जनवरी को सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर 3 लाख, 27 जनवरी को फ्रेंचाइजी सर्टिफिकेट के लिए 5 लाख, 30 जनवरी को ट्रेड लाइसेंस व सेटअप के नाम पर 7 लाख रुपए जमा कराए गए। बाद 5 फरवरी को इंफ्रास्ट्रक्चर सेटअप के नाम पर 9.79 लाख, 10 फरवरी को फुल पेमेंट के नाम पर 9.55 लाख, 11 फरवरी को जीएसटी के लिए 7.26 लाख और 13 फरवरी को शेष सेटअप कॉस्ट के नाम पर 7 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए गए। कुल मिलाकर 56 लाख 26 हजार 264 रुपए की राशि ठगों ने हड़प ली। पीड़ित ने बताया कि पैसे ट्रांसफर करने के बाद जब आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले। नंबर बंद होने पर पीड़ित पहुंचे थाना आरोपियों का नंबर बंद आने पर कारोबारी को अपने साथ ठगी का अहसास हुआ। ठगी ने परिजनों को घटना की जानकारी दी और 16 फरवरी को थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

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