अवैध खनन रोकने पहुंचे एसडीएम ने ग्रामीणों को पीटा, उग्र भीड़ से बचाने आरोपियों को कुसमी की जगह कोरंधा थाने ले जाना पड़ा

बलरामपुर के कुसमी थाना क्षेत्र के हंसपुर गांव में रविवार की रात अवैध बॉक्साइट खनन की सूचना पर निजी वाहन से तीन दोस्तों के पहुंचे एसडीएम कुसमी करूण डहरिया पर मारपीट का आरोप है, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति है। घटना में घायल रामनरेश राम (60) की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) घायल हैं। इसके विरोध में सोमवार की शाम कुसमी मेन रोड पर ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने जुर्म दर्ज कर कुसमी एसडीएम समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। इन्हें कोरंधा थाने से न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। झारखंड से लगे बलरामपुर जिले के कुसमी में लंबे समय से बॉक्साइट का अवैध खनन चल रहा है। हंसपुर के बैरपाट में करीब डेढ़ महीने से बॉक्साइट का अवैध खनन हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार यहां का बॉक्साइट सफेद और अच्छी गुणवत्ता का है। रोजाना ट्रकों से अवैध बॉक्साइट खनन कर झारखंड भेजा जाता था। खनन में स्थानीय ग्रामीणों को भी शामिल किया गया था। झारखंड के तस्कर लंबे समय से कुसमी क्षेत्र के बॉक्साइट पर नजर जमाए हुए हैं और इसकी अवैध तस्करी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि रविवार को ग्रामीणों ने अवैध खनन करते ट्रक को पकड़ा था। इसकी सूचना एसडीएम कुसमी करूण डहरिया को दी थी। सूचना पर एसडीएम निजी वाहन में तीन साथियों के साथ पहुंचे और खेत की सिंचाई से लौट रहे ग्रामीणों के साथ ही मारपीट शुरू कर दी। घटना में बुजुर्ग की मौत हो गई, वहीं दो घायल हैं। विवाद बढ़ने पर नायब तहसीलदार पारस शर्मा सुरक्षा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचाया। इधर घटना की सूचना पर पुलिस ने देर रात एसडीएम कुसमी करूण डहरिया, विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत यादव और सुदीप यादव को गिरफ्तार किया है। 20 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए थे डहरिया ^बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि एसडीएम करुण डहरिया निजी वाहन से दोस्तों के साथ गांव में पहुंचे थे। सूचना पर एसडीएम और उनके तीनों साथियों को हिरासत में लिया गया है। अपराध दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद कुसमी में आदिवासी समाज और ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। सर्व आदिवासी समाज ने बलरामपुर एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करने की मांग की और कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। स्थिति को देखते हुए कुसमी थाना, अस्पताल और गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कुसमी में ग्रामीणों के साथ मारपीट करने वाले एसडीएम करुण डहरिया शुरू से ही विवादों में रहे हैं। 2022 में वे गरियाबंद जनपद सीईओ थे। इस दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो ने उन्हें दफ्तर में ही 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा था। 2019 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के डहरिया की छवि विवादित अफसर के रूप में रही है। मैं, रामनरेश और आकाश तीनों खेत में गेहूं की सिंचाई करने गए थे। तीनों लौट रहे थे। सरना के पास अचानक चार लोगों ने हम पर हमला कर दिया। अंधेरे में पाइप-बेल्ट से वे हमें मारने लगे। मैं वहीं खेत में गिर गया। गिरने के बाद भी वे हम तीनों को मारते रहे। सभी काले रंग की गाड़ी में आए थे। इसके बाद हमें गाड़ी में बिठाकर साथ ले गए और बाद में अस्पताल ले आए। (जैसा कि अस्पताल में भर्ती घायल अजीत उरांव ने भास्कर को बताया) मामले को लेकर भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि बॉक्साइट खनन के नाम पर खेत से लौट रहे ग्रामीणों की पिटाई की गई। प्रशासन हिंसा और दबाव के जरिए प्रदेश को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है और गरीब व आदिवासियों पर लगातार हमले हो रहे हैं। कांग्रेस के अन्य सोशल प्लेटफार्म पर भी घटना को लेकर विरोध जताया गया है। उन्होंने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *