पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लुधियाना के पूर्वी सब-डिवीजन में 2016 से 2019 के बीच हुई कथित कम कीमत वाली जमीन रजिस्ट्रियों (Undervalued Land Transactions) के मामलों में बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने लुधियाना पुलिस को 296 में से 159 मामलों में तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। 134 मामलों में स्टांप ड्यूटी की जांच
कोर्ट ने बाकी 134 मामलों में कहा है कि स्टांप एक्ट की धारा 47-A के तहत कम स्टांप ड्यूटी निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जाए और इसे चार सप्ताह के भीतर निपटाया जाए। तीन मामलों को अलग श्रेणी में रखा गया है —
-एक मामले में स्टांप ड्यूटी की कोई कमी नहीं पाई गई।
-दो मामलों में डिविजनल कमिश्नर के पास पहले ही अपील लंबित है।
-मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को तय की गई है। 2.5 लाख रजिस्ट्री दस्तावेजों की जांच
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि क्षेत्र में करीब 2.5 लाख सेल डीड रजिस्टर्ड हुई थीं और स्टांप ड्यूटी में गड़बड़ी पकड़ने के लिए हर दस्तावेज की मैन्युअल जांच करनी होगी। यह निर्देश व्हिसलब्लोअर सुभाष कुंद्रा उर्फ कट्टी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किए गए। वह 2016 से इस मुद्दे को उठा रहे हैं। उन्होंने पुलिस, विजिलेंस ब्यूरो और जिला प्रशासन को कई शिकायतें देकर आरोप लगाया था कि प्रॉपर्टियों की कम कीमत दिखाकर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया। कुंद्रा ने यह भी दावा किया कि मामला उठाने पर उन्हें धमकियां मिलीं और उन पर हमला तक किया गया। पिछली सुनवाई में क्या हुआ?
9 फरवरी की पिछली सुनवाई में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ADCP) ने कोर्ट को बताया था कि सभी 296 मामलों में FIR दर्ज कर जांच की जाएगी। सुनवाई के दौरान मौजूद डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू ऑफिसर गिरजिंदर सिंह ने अदालत को भरोसा दिया कि वह खुद मामले की जांच करेंगे और अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी जांच करने की बात कही कि 296 मामलों में कम स्टांप ड्यूटी की रिकवरी क्यों नहीं हुई।


