विदिशा जिले के लटेरी तहसील के धरनावदा गांव में करंट लगने से प्रहलाद सिंह की मौत के मामले में सोमवार को परिजनों और ग्रामीणों ने लटेरी-सिरोंज मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। लोगों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बिछाए गए अवैध बिजली के तारों की चपेट में आने से 13 फरवरी को युवक की जान गई थी। प्रशासन द्वारा एक सप्ताह में अतिक्रमण हटाने और दोषियों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला और यातायात बहाल हुआ। परिजनों ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने शासकीय भूमि पर कब्जा कर रखा है। वहां खेतों तक अवैध रूप से खुले बिजली के तार बिछाए गए थे, जिनकी चपेट में आने से प्रहलाद सिंह की मौत हो गई। घटना वाले दिन ही रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसी नाराजगी के चलते उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध जताना पड़ा। चक्काजाम के कारण लटेरी-सिरोंज मार्ग पर घंटों यातायात बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। 56 बीघा सरकारी जमीन पर खेती और अवैध कनेक्शन ग्रामीण राममोहन पराशर ने बताया कि गांव में करीब 56 बीघा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध बिजली कनेक्शन के जरिए खेती की जा रही है। उन्होंने मांग की कि संबंधित व्यक्तियों पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही अतिक्रमण हटाया जाए और आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जाए। एक सप्ताह में अतिक्रमण हटाने का भरोसा चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमित भूमि को खाली करा लिया जाएगा। वहीं, एसडीओपी ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। इन आश्वासनों के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।


