‘मेरे पिता के गांव की एक महिला से अवैध संबंध थे। वह उस पर पैसे लुटाता था, हमने और अम्मी ने कई बार पिता को समझाया था। उस महिला से संबंध न रखने की बात कही थी, इस पर पिता ने मुझे ही धमकी दी। कहा- मैं उसके मामले में न बोलूं। अगर बोलूंगा तो वह मुझे जान से मार देगा। गांव में लोग मेरे पिता और उस महिला के संबंधों को लेकर तरह-तरह की बातें करते थे, इससे मुझे शर्मिंदगी महसूस होती थी। इसी कारण मैंने ताऊ के लड़कों के साथ मिलकर अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। ‘ यह कबूलनामा है उस दानिश का है, जिसने 13 दिसंबर की रात दो गोली मारकर अपने पिता सत्तार की हत्या कर दी। उसने बताया कि वह और उसकी अम्मी जब भी पिता से उस महिला से संबंध तोड़ने की बात कहते थे तो वह उन्हें मारता-पीटता था। 9 दिसंबर को भी उस महिला को लेकर घर में लड़ाई हुई थी। तभी हत्या का प्लान बना लिया था। मामला थाना बड़गांव के गांव नूनाबड़ी का है। पहले पढ़िए पूरा मामला आंख और छाती पर मारी गोली थाना बड़गांव के गांव नूनाबड़ी निवासी सत्तार का शव 14 दिसंबर की सुबह पशुशाला में पशुओं के पास चारपाई पर पड़ा मिला था। उसके शरीर पर रजाई ढकी हुई थी। सत्तार के एक गोली आंख और दूसरी गोली छाती पर मारी गई थी। परिजनों ने करीब तीन-चार घंटे बाद पुलिस को हत्या की सूचना दी थी। मामले में मृतक के भाई मामूद्दीन ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तब मौके पर पहुंच कर परिजनों और अन्य लोगों से बात की। हत्या के पीछे कारणों के बारे में परिजनों से पूछताछ की, मगर तब परिजनों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया था ऐसे आरोपियों तक पहुंची पुलिस पुलिस पारिवारिक कलह, अवैध संबंध और रंजिश को लेकर जांच कर रही थी। पुलिस को गांव की महिला से अवैध संबंध की भनक मिली। रोजाना परिवार में लड़ाई होने की बात पता चली तो पुलिस ने परिवार के लोगों से पूछताछ करना शुरू किया। मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि सत्तार की हत्या के मामले में पुलिस की जांच कई एंगल पर कर रही थी। पुलिस को जब गांव की महिला से अवैध संबंध होने की जानकारी मिली तो सत्तार के बेटे दानिश को उठाकर पूछताछ की। उसके ताऊ के लड़कों और मां से भी पूछताछ की। ताऊ के लड़कों अरमान और बिलाल के बयानों में गड़बड़ लगी। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो बेटे दानिश ने सब कबूल लिया। बताया कि उसने अपने ताऊ के लड़कों अरमान और बिलाल के साथ अपने पिता की हत्या की है। अब पढ़िए हत्या करने वाले बेटे का कबूलनामा बेटा बोला-महिला की बेटी की शादी में खर्च कर दिए रुपए हत्यारोपी बेटे दानिश ने पुलिस के सामने कई चौकाने वाली बताई। उसने बताया कि मेरे पिता सत्तार के गांव की महिला से अवैध संबंध करीब 25 साल से थे। घर वाले लगातार पिता को समझाते थे, मगर वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे। उस महिला के कारण घर में आए दिन क्लेश होता था। मारपीट होती थी। जब भी उस महिला का जिक्र होता पिता मुझे और मेरी अम्मी इसराना को पीटता था। पिता ने उस महिला की बेटी की शादी में कई लाख रुपए लगाए थे। जिससे परिवार के लोग नाराज थे। परिवार के लोगों ने पिता को रोकने का प्रयास किया। लेकिन वो बोलता था कि मेरे मामले में बोलने की जरूरत नहीं है। नहीं तो सबको मार डालूंगा। इस धमकी से मुझे डर लगने लगा था। मझे डर था कि कहीं मेरा पिता उस महिला के चक्कर में मुझे न मार डाले। इएलिए मैंने अपने पिता को ही मार डालने की योजना बनाई। इस योजना में उसने अपने ताऊ के लड़कों अरमान और बिलाल को भी शामिल कर लिया। देवबंद से लेकर आए थे तमंचे दोनों को उसने अपना प्लान बताया। इसके बाद देवबंद निवासी एक युवक से अवैध तमंचे लेकर आए। 13 दिसंबर की रात करीब एक ताऊ के दोनों लड़के अरमान और बिलाल घर में दीवार फांदकर आ गए। मैं कमरे से निकलकर उनके साथ पशुशाला की ओर चल दिया। यहां मेरा पिता रजाई ओढ़कर सो रहा था। मैंने रजाई हटाई। इसके बाद मैंने अपने पिता के पैर पकड़ लिए, जिससे कहीं भाग न सके। अरमान और बिलाल ने तमंचे से पहली गोली सत्तार की आंख और दूसरी गोली उसकी छाती पर मारी। इसके बाद मैं अपने कमरे में चला गया। ताऊ के दोनों लड़के चुपचाप अपने घर चले गए। इससे पहले मेरा बाप मुझे मारता, मैंने उसकी ही हत्या कर दी। पत्नी ने रजाई उठाकर देखा सबसे पहले
सत्तार अमूमन सुबह 4 बजे उठा जाता था। लेकिन उस दिन वो देर तक नहीं उठा तो उसकी पत्नी इसराना उसे देखने के लिए गई। सत्तार की जैसे ही रजाई उठाई तो उसका शव खून में लथपथ मिला था। हत्या के करीब तीन घंटे बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी। ———————– यह खबर भी पढ़ें योगी बोले-संभल में 1947 से अब तक 209 हिंदुओं की हत्या, किसी ने 2 शब्द नहीं कहे, हाल में मारे गए लोगों पर आंसू बहा रहे यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को CM योगी आदित्यनाथ ने कहा- संभल में 1947 से अब तक हुए दंगों में 209 हिंदू मारे गए हैं। किसी ने एक बार भी उन निर्दोष लोगों के लिए संवेदना व्यक्त नहीं की। ये लोग हाल ही में हुए संभल दंगे पर आंसू बहा रहे हैं। ये लोग सौहार्द की बात कर करते हैं। शर्म आनी चाहिए…(पढ़ें पूरी खबर)


