पंजाब के जीरा निवासी किसान गुरविंदर सिंह ने रतिया के पवन बीज भंडार पर बीज सप्लाई में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। किसान का दावा है कि उन्होंने 34 एकड़ भूमि के लिए पूसा-44 धान का बीज बिल बनवाकर खरीदा था, लेकिन बुवाई के बाद फसल पीआर 110 किस्म की निकली। इस कथित धोखाधड़ी के कारण उन्हें 7-8 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। फिरोजपुर जिले के गांव नीलेवाला निवासी गुरविंदर सिंह के अनुसार, गलत किस्म का बीज मिलने से फसल के उत्पादन, गुणवत्ता और बाजार मूल्य में भारी गिरावट आई, जिससे उन्हें यह बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। इस मामले में किसान ने रतिया सिटी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इसके साथ ही, उन्होंने पवन बीज भंडार की दुकान के गेट के बाहर शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया है। धरने में कई किसान नेता शामिल हुए गुरविंदर सिंह के इस संघर्ष को भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) और भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहाँ का समर्थन मिला है। BKU (क्रांतिकारी) के जिला बठिंडा प्रधान परषोतम महाराज, जिला फिरोजपुर के कैशियर जगतार सिंह और जिला मानसा के प्रधान हरचरण सिंह सहित कई किसान नेता धरने में शामिल हुए। किसान को उचित मुआवजा देने की मांग भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहाँ के जिला प्रधान निर्भय रतिया, शहरी इकाई अध्यक्ष कर्मजीत सिंह, गगन भुल्लर, मुंदरी बोला, गुरविंदर सिंह और अशोक कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर किसान को समर्थन दिया। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करने और पीड़ित किसान को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों की निष्पक्ष जांच की मांग किसान संगठनों और पीड़ित किसान ने प्रशासन और विभाग से अपील की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित किसान को शीघ्र न्याय व उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।


