करो या मरो’ की राह पर कार्मिक:संविदा कार्मिकों का झुंझुनू में अनिश्चितकालीन धरना शुरू, बजट से निराशा के बाद पंचायत शिक्षकों और विद्यालय सहायकों ने खोला मोर्चा

नियमितीकरण की एक सूत्रीय मांग को लेकर संविदा कार्मिकों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ कर दिया है। झुंझुनू जिला मुख्यालय पर संघ के बैनर तले भारी संख्या में जुटे कार्मिकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना पड़ाव डाल दिया है। धरने को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण जसरापुर ने कहा कि शिक्षा विभाग में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे संविदा कार्मिकों को इस बार के बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार ने उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। लंबे समय से अल्प मानदेय पर कार्य कर रहे ये कार्मिक अब मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। अगर सरकार ने आगामी पूरक बजट में हमारे नियमितीकरण की स्पष्ट घोषणा नहीं की, तो यह शांतिपूर्ण आंदोलन पूरे प्रदेश में उग्र रूप धारण करेगा।
शोषण के खिलाफ आर-पार की जंग झुंझुनू जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि शिक्षा विभाग की रीढ़ कहे जाने वाले संविदा कार्मिकों का शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्मिकों ने 19 तारीख को आने वाले पूरक बजट तक का समय सरकार को दिया है। हम 19 तारीख तक धैर्य बनाए हुए हैं। यदि पूरक बजट में हमारी जायज मांगों पर मुहर नहीं लगी, तो झुंझुनू सहित पूरे प्रदेश में उग्र प्रदर्शन की रणनीति तैयार कर ली गई है। अब हम झुकने वाले नहीं हैं। ये रहे मौजूद धरने में आरिफ खान, समुंदर सिंह, राजेश कुमार, सुरेश वीरसिंह, मुकेश शर्मा, विनय शर्मा, पवन, भवानी शंकर विजयशाली, सुशील कुमार, भागीरथी, सुशीला, सुगनी, मनोज कुमारी, भवानी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और विद्यालय सहायक उपस्थित रहे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *