कोरिया व मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भ रतपुर (एमसीबी) जिले के दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय चिरमिरी पहुंचे। नगर निगम क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री ने 127 करोड़ रुपए की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास व भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि इन कार्यों से क्षेत्र की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और पलायन जैसी समस्याओं का समाधान होगा। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर भाजपा की विभिन्न इकाइयों महिला, युवा, ओबीसी, एससी-एसटी और किसान मोर्चा के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का महामाला से स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा, चिरमिरी को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना हमारी प्राथमिकता है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि क्षेत्र की एक नई पहचान बनेगी। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा और विकास के अंतर्संबंधों पर चर्चा करते हुए कहा कि बस्तर पिछले 40 वर्षों से नक्सलवाद से पीड़ित रहा है। उन्होंने घोषणा की कि केंद्र सरकार के सहयोग से 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है, जिसके बाद बस्तर में विकास की नई गंगा बहेगी। उन्होंने प्रदेश की तीन करोड़ जनता को केंद्र की गारंटी योजनाओं से जोड़ने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन शैलेंद्र मिश्रा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन निगम आयुक्त राम प्रसाद अचला ने किया। अनियमितता के दोषियों को सजा मिलनी शुरू हुई पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों में अनियमितता की और पीएससी घोटाले के माध्यम से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। उन्होंने कहा, हमने सत्ता में आते ही आवास योजना को प्राथमिकता दी। अब तक 10 लाख से अधिक हितग्राही गृह प्रवेश कर चुके हैं। पीएससी घोटाले की जांच उच्च एजेंसी से कराई जा रही है और दोषियों को सजा मिलनी शुरू हो गई है। 220 बिस्तरों के अस्पताल और ट्रामा सेंटर की तैयारी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जिला अस्पताल और 220 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल का काम तेज गति से चल रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट के अनुरूप प्रत्येक जिले में कैंसर अस्पताल और ट्रामा सेंटर बनाए जाएंगे। चिरमिरी में पेयजल समस्या के समाधान के लिए 181 करोड़ की नल-जल योजना पर काम चल रहा है, जो अगले 50 वर्षों की जरूरतों को पूरा करेगी। कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि 127 करोड़ के ये कार्य क्षेत्र की दिशा और दशा बदल देंगे। उन्होंने जोर दिया कि सरकार बस्तर से सरगुजा तक गांव और शहर की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। महापौर रामनरेश राय की मांगों पर त्वरित निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ने नगर निगम को अग्निशमन वाहन, पशुपालन के लिए बकरी संवर्धन केंद्र, पुलिस चौकी, चैनपुर में ऑटो डोरिया व्यवस्था और नागपुर में तहसील भवन के निर्माण की घोषणा की।


