ब्यावर में संत प्रवर युगप्रभ मुनि ने सहयोगी संतों के साथ मंगलवार को प्रवेश किया। उनके नगर में प्रवेश के दौरान महावीर स्वामी और गुरु भगवान के जयकारे गूंजे। श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष संपतराज ढेड़िया के अनुसार, संत मंडल ने शिवपुरा गांव से लगभग 12 किलोमीटर की पैदल यात्रा की। वे मेवाड़ी गेट स्थित प्रताप कॉलोनी में एक गुरु भक्त के निवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने मंगल पाठ किया। इसके बाद संत मेवाड़ी गेट और बाबा रामदेव मंदिर मार्ग होते हुए जैनाचार्य विजयराज मार्ग स्थित नवकार भवन पहुंचे। नवकार भवन पहुंचने पर संघ के वरिष्ठ श्रद्धालुओं ने संत मंडल का स्वागत किया। इस दौरान नाना गुरु, शांति गुरु, विजय गुरु और जितेश गुरु के जयकारे लगाए गए। भगवान महावीर के संदेशों का किया प्रचार
श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी शांत क्रांति जैन युवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री प्रकाश जैन ने बताया कि संत प्रवर युगप्रभ मुनि ने निंबाहेड़ा में अपना वर्षाकालीन चातुर्मास पूर्ण किया था। इसके बाद उन्होंने लगभग 200 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए चित्तौड़, भीलवाड़ा और अजमेर होते हुए ब्यावर जिले में प्रवेश किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न गांवों और ढाणियों में भगवान महावीर के संदेशों का प्रचार किया। 15 दिन तक रहेगा ब्यावर प्रवास
संघ महामंत्री कमल छलानी ने जानकारी दी कि संत मंडल का ब्यावर में लगभग एक पखवाड़े का प्रवास रहेगा। इस दौरान वे जैनाचार्य विजयराज मार्ग स्थित नवकार भवन के मेघराज कोठारी हॉल परिसर में ठहरेंगे। प्रतिदिन सुबह 9:15 बजे प्रवचन आयोजित किए जाएंगे। प्रवास अवधि में संवर, पौषध, रायसी-देवसी प्रतिक्रमण, धर्म एवं तत्व चर्चा और रात्रिकालीन प्रश्नोत्तरी जैसे विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम भी होंगे। अन्य संतों का भी हुआ आगमन
संघ अध्यक्ष ढेड़िया ने बताया कि संत प्रवर के साथ संत अभिनव मुनि, संत सूर्यप्रभ मुनि एवं संत जयमंथन प्रियजी का भी नगर में पदार्पण हुआ है। संत मंडल के आगमन से साधुमार्गी संघ सहित समस्त जैन समाज में हर्ष का वातावरण है। उन्होंने बताया कि संत प्रवर का होली चातुर्मास भी ब्यावर में संभावित है। 18 मार्च को मनाई जाएगी दीक्षा जयंती
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आईएएस समाजसेवी राजू भाई भूरट ने जानकारी दी कि संघ के गणाधिपति महास्थविर शांति मुनि म.सा. की दीक्षा जयंती 18 मार्च को संयम दिवस के रूप में ब्यावर सहित देशभर में श्रद्धा, आस्था और समर्पण भाव से मनाई जाएगी।
राष्ट्रीय संरक्षक भामाशाह राजेंद्र कर्णावट के अनुसार दीक्षा दिवस पर संत प्रवर युगप्रभ मुनि के सान्निध्य में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस अवसर पर श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाएं एक आसन पर लगातार तीन घंटे सामायिक व्रत की साधना कर गुरु भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे। संत मंडल के मंगल प्रवेश से ब्यावर नगर में आध्यात्मिक उल्लास और धार्मिक ऊर्जा का संचार हुआ है।


