नई दिल्ली में बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया। मंगलवार को रिहाई की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह जेल से बाहर आए और कहा कि वह सभी आरोपों पर जवाब देंगे। उन्होंने कोर्ट का धन्यवाद भी किया। मीडिया से बातचीत में राजपाल यादव ने कहा कि वह साल 2027 में बॉलीवुड में अपने 30 साल पूरे करेंगे। उन्होंने देशभर के लोगों से मिले समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि यदि उन पर कोई आरोप है तो वह उसका जवाब देने के लिए तैयार हैं। बता दें कि चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव ने 5 फरवरी को दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। क्यों जेल में बंद थे राजपाल यादव? साल 2010 में राजपाल यादव ने फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। ये फिल्म फ्लॉप रही और राजपाल यादव को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। राजपाल समय रहते कर्ज की रकम नहीं लौटा सके। लोन लेते समय राजपाल ने जो चेक कंपनी को दिए थे वो बाउंस हो गए, जिसके बाद एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। दोनों पार्टी के बीच समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने उच्च अदालत में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था।


