बालोतरा जिला मुख्यालय पर शिक्षा विभाग की कथित लापरवाही सामने आई है। राज्य सरकार की निशुल्क साइकिल योजना के तहत आवंटित साइकिलें दो साल से वितरित नहीं हो पाई हैं, जिससे कई पात्र छात्राएं लाभ से वंचित हैं। दो साल पहले वितरित करनी थी साइकिलें प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्थान शिक्षा विभाग ने लगभग दो साल पहले छात्राओं के लिए ये साइकिलें उपलब्ध कराई थीं। हालांकि, वितरण प्रक्रिया में देरी और समन्वय की कमी के कारण कुछ साइकिलें बच गईं, जिनका आज तक वितरण नहीं हो पाया है। ये निशुल्क साइकिलें पहले विद्यालय परिसर में रखी गई थीं। हाल ही में बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने के कारण कक्षाओं को खाली कराया गया, जिसके बाद इन साइकिलों को खुले में रखना पड़ा। खुले में पड़ी रहने के कारण नई साइकिलें धूल, धूप और बारिश से खराब हो रही हैं। यह स्थिति शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाती है। जहां एक ओर सरकार छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर हुई देरी के कारण इन योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है। अभिभावकों ने कार्रवाई की मांग की अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने इस मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से बची हुई साइकिलों का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने दिया जवाब इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी देवीलाल प्रजापत ने बताया- ये पिछले साल की बची हुई साइकिलें हैं। इस साल की मांग में इन बची हुई साइकिलों को समायोजित किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि नई साइकिलों को जोड़ने का काम चल रहा है। जैसे ही सभी साइकिलें तैयार हो जाएंगी, उन्हें एक साथ वितरित कर दिया जाएगा। बोर्ड परीक्षाओं के कारण कमरों में छात्रों को बैठाने के लिए साइकिलों को बाहर बरामदे में रखा गया है। प्रजापत के अनुसार, इसमें कोई बड़ी समस्या नहीं है और साइकिलें खराब नहीं हो रही हैं।


