जयपुर में सोशल मीडिया पर वायरल एक बर्बरता भरे वीडियो के आधार पर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर मनीष सैनी (36) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ करीब तीन दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। यह कार्रवाई “वेट एंड वॉच” की बजाय “प्रोएक्टिव पुलिसिंग” की नीति के तहत की गई है, जिसके जरिए अपराधियों को पहले ही दबोचकर कानून के शिकंजे में लाया जा रहा है। वायरल वीडियो पर पुलिस का स्वतः संज्ञान डीसीपी साउथ राजश्री राज ने बताया कि 25-26 दिसंबर की रात का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में एक व्यक्ति होटल शिव महिमा, जगनपथ क्षेत्र, थाना विधायकपुरी के सामने दो महिलाओं के साथ मारपीट और बर्बरता करता हुआ दिखाई दे रहा था। हालांकि डर के कारण पीड़ित महिलाओं ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई और उनका पता भी नहीं चल पाया, लेकिन वीडियो की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने बिना शिकायत के ही स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की। लोक शांति भंग करने का आरोप वायरल वीडियो में आरोपी द्वारा सार्वजनिक स्थान पर महिलाओं के साथ क्रूरता करते हुए लोक शांति में विघ्न पैदा किया गया और आमजन में भय व संत्रास का माहौल बनाया गया। इस पर थानाधिकारी विधायकपुरी नरेंद्र भड़ाना ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी के लिए एडिशनल डीसीपी साउथ ललित किशोर शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जिसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। केंद्रीय कारागृह से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया आरोपी तलाशी के दौरान पता चला कि आरोपी मनीष सैनी हाल ही में थाना मालवीय नगर के एक अन्य मामले में गिरफ्तार होकर जेल में बंद था। इसके बाद पुलिस ने उसे सेंट्रल जेल जयपुर से प्रोडक्शन वारंट पर प्राप्त किया और आगे की जांच शुरू की। असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश जयपुर पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया है कि शहर में अपराध और असामाजिक गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस का कहना है, जयपुर की फिजा में जहर घोलने वाले अपराधी सुधर जाएं, वरना सलाखों के पीछे जाना तय है।


