डीग में प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के उपसेवा केंद्र में महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में संत दास बाबा राजा मुरली मनोहर मंदिर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अध्यक्षता भरतपुर की सह प्रभारी बबिता दीदी ने की। विशिष्ट अतिथियों में भगवान शरण आड़तिया, हिंदी साहित्य समिति के महामंत्री चंद्रभान वर्मा, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका प्रवीणा बहन, ओल की प्रभारी योगिता बहन और जागृति बहन सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल थे। कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वरीय स्मृति गीत “ऐ आत्माओं सुन लो शिव ये शुभ संदेश” से हुआ। मुख्य अतिथि संत दास बाबा राजा ने अपने संबोधन में कहा कि परमात्मा शिव एकांतवासी कहलाते हैं। ईश्वर की प्राप्ति के लिए एकांत और मौन आवश्यक है। उन्होंने समय को व्यर्थ न गंवाने और रामचरितमानस को आचरण में लाने पर जोर दिया। उन्होंने ईर्ष्या, निंदा और चुगली से दूर रहकर सदाचारपूर्ण जीवन जीने को सच्ची भक्ति बताया और सभी को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। अध्यक्षीय संबोधन में बबिता दीदी ने शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे परमात्मा शिव का अवतरण दिवस बताया और कहा कि शिवरात्रि पर नमक और मिर्च का त्याग प्रतीकात्मक है, जिसका अर्थ है कड़वे और तीखे वचन न बोलना। उन्होंने सभी के प्रति प्रेम, सहयोग और सम्मान का भाव रखने को सच्चा जीवन बताया। विशिष्ट अतिथि चंद्रभान वर्मा ने अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए “घर-घर शिव का ध्वज फहराएंगे” कविता सुनाई, जिसकी उपस्थित जनसमूह ने सराहना की। योगिता बहन ने अपने वक्तव्य में परमात्मा को निराकार ज्योति बिंदु स्वरूप और गुणों का सागर बताया, जिनके सान्निध्य से मनुष्य अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकता है। कार्यक्रम से पूर्व डीग कस्बे के प्रमुख स्थानों पर प्रभात फेरी भी निकाली गई। प्रभात फेरी में भगवान शिव शंकर एवं राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जिनके दर्शन कर नगरवासियों ने श्रद्धाभाव प्रकट किया। प्रभात फेरी को संत दास बाबा राजा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा शिव ध्वजारोहण किया गया तथा सभी को यह प्रतिज्ञा दिलाई गई कि वे मन, वचन और कर्म से किसी को भी दुख नहीं देंगे। गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें दीपू फोजदार पूर्व प्रेसिडेंट, डीग कॉलेज, रज्जन सिंह , गिरधारी मित्तल, दिगंबर, गौरव, सुरेश, गीता, केला, मुस्कान, मोनिका सहित सैकड़ों भाई-बहन शामिल रहे।


