खंडवा जिले के निजी स्कूलों ने अनिवार्य पुस्तकों की सूची तय समय पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में जमा नहीं कराई। जिसे लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। यह कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी के आदेश का उल्लंघन माना गया हैं। ऐसे 200 स्कूल हैं, जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। बता दें कि, पिछले महीने कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत आदेश जारी कर निजी स्कूल संचालकों, प्रकाशकों और पुस्तक विक्रेताओं की एकाधिकार प्रवृत्ति पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। आदेश के अनुसार जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों के संचालक एवं प्राचार्यों को अपने-अपने विद्यालय में संचालित प्रत्येक कक्षा की अनिवार्य पुस्तकों की सूची 9 फरवरी तक डीईओ कार्यालय, खंडवा में जमा कराना अनिवार्य था। जिला शिक्षा अधिकारी प्यारसिंह सोलंकी के मुताबिक, अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता द्वारा पूर्व में जारी आदेश के बावजूद 200 से अधिक स्कूलों ने अनिवार्य पुस्तकों की सूची प्रस्तुत नहीं की, जिसके बाद संबंधित स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इनके द्वारा निर्धारित समय सीमा का पालन नहीं किया गया हैं। अब आगे नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 200 स्कूलों में यह प्रमुख स्कूल भी शामिल
नोटिस प्राप्त करने वाले 200 स्कूलों में से कुछ प्रमुख स्कूलों के नाम शिक्षा विभाग ने जारी किए हैं। इनमें बेंस पब्लिक स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर आनंदनगर, दिव्य ज्योति पब्लिक स्कूल, महेशी विद्या मंदिर, रेनबो किड्स स्कूल, वैदिक गुरूकुलम, सरस्वती शिशु मंदिर वैकुंठनगर, एंजेल्स प्लेनेट स्कूल, कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल, क्रिशेंट पब्लिक स्कूल, बालाजी कॉन्वेंट स्कूल, स्कॉलर डेन स्कूल व सेंट पाल स्कूल शामिल हैं।


