बाड़मेर नगर परिषद की टीम, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमों ने नगर परिषद की नाले की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाया। इसके लिए दो जेसीबी ने कच्चे और पक्के अतिक्रमण को तोड़ा गया। इस दौरान लोगों का विरोध भी हुआ। आरोप लगाया कि सालों से यहां पर काबिज है लेकिन आज अतिक्रमण कहकर तोड़ दिए गए। नगर परिषद आयुक्त का कहना है कि लोगों को गूमराह और गलत खसरा संख्या बताकर अतिक्रमण करवाया गया है। बाड़मेर नगर परिषद ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे भूमाफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बरसाती नाले की जमीन पर वर्षों से काबिज होकर बैठे लोगों को बेदखल कर अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई की गई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने यह जमीन पैसों से खरीद कर ली है। जिन लोगों से जमीन खरीदी है उनके आज भी अतिक्रमण पड़े हैं लेकिन गरीबों के घर को तोड़े जा रहे हैं। दरअसल बाड़मेर शहर के गेहूं रोड स्थित खसरा संख्या 1437 जो गैर मुमकिन नाले की जमीन है। जिस पर भूमाफियाओं ने कब्जा करके लोगों को स्टांप पर बेच दी थी। नगर परिषद का कहना है कि यह जो नाला है जिसका फ्रंट 300 फिट है जिस पर अतिक्रमण था उसको आज हटाया गया है और इन लोगों ने वह माफियाओं से जमीन खरीदने की बात कही है तो इनको दस्तावेज लेकर नगर परिषद बुलाया है उसके बाद इन्हें कानूनी जानकारी देकर इनकी मदद की जाएगी। नगर परिषद आयुक्त भगवत सिंह ने बताया- खरा नंबर 1437 जो बाड़मेर नगर परिषद की जमीन है। गैर मुमकिन नाला इसकी किस्म है। भविष्य में यहां पर रिंग रोड भी प्रस्तावित है। नगर परिषद को सूचना मिली थी कि कुछ लोगों की ओर से चार दीवारी कर स्थाईकरण किया जा रहा है। आज हमने टीम का गठन कर मौका मजिस्ट्रेट नियुक्त कर, पुलिस जाब्ता, लाइट विभाग और जिला प्रशासन का सहयोग है। संयुक्त रूप से अतिक्रमण को ध्वस्त कर रहे है। आधा किलोमीटर एरिया में अतिक्रमण हो रखा है। अतिक्रमण पक्का एक भी नहीं है। केवल चार दीवारी और कच्चे के रूप में है। जिन लोगों ने यहां पर अतिक्रमण किया है उन लोगों को गलत तथ्य बताकर इकरारनामा बनाकर बेचान किया गया है। उनको यहां पर गलत खसरा संख्या बताकर काबिज करवाने की कोशिश की गई। लेकिन सरकारी जमीन है। इसकी सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है।


