जबरन धर्मांतरण के 3 दोषियों को 10-10 साल की सजा:मां ने प्रेमी के साथ मिलकर बेटे का कराया था खतना; जबरन मदरसे भी भेजते थे

इंदौर कोर्ट ने 8 साल के मासूम के जबरन धर्म परिवर्तन और खतना करने के केस में बुधवार को फैसला सुना दिया। कोर्ट ने पीड़ित बच्चे की मां सहित तीन आरोपियों को धारा 467 एवं 471 में 10-10 साल का सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपए का जुर्माना, धारा 5 धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 में 7-7 साल का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपए का जुर्माना जबकि धारा 420 और 468 में 5-5 साल का सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला जुलाई 2023 का है। राजस्थान में बाड़मेर निवासी व्यापारी महेश नाहटा ने इंदौर के खजराना थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने नाहटा की पत्नी प्रार्थना शिवहरे (27), उसके बॉय फ्रेंड इलियास अहमद (33 वर्ष) निवासी इंदौर और मोहम्मद जफर अली (37 वर्ष) निवासी शाजापुर को गिरफ्तार किया था। बेटे को जबरदस्ती ले गई थी पत्नी, पिता का नाम बदलवाया
अनाज व्यापारी महेश नाहटा ने एफआईआर में कहा था- जून 2014 में शाजापुर निवासी प्रार्थना से शादी हुई थी। 2015 में बेटा हुआ। सब कुछ ठीक चल रहा था। 25 फरवरी 2018 को वह पत्नी और बेटे के साथ शाजापुर आया था। यहां एक सगाई अटैंड कर अपने गांव सिवाना लौटते वक्त पत्नी और बेटा रतलाम के आगे सालाखेड़ी में बस से लापता हो गए। दोनों की गुमशुदगी रतलाम थाने में ही दर्ज करा दी थी। जांच के दौरान पता चला कि पत्नी इंदौर के रहने वाले इलियास कुरैशी के साथ गई है। पुलिस ने इलियास को रतलाम से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। जेल से छूटने के बाद इलियास ने फिर पत्नी से संपर्क किया और उसे अपने पास बुला लिया। मैंने बेटे को अपने साथ ही रखने की बात कही, लेकिन पत्नी नहीं मानी और चली गई। मैं उन्हें ढूंढता रहा। काफी समय तक कुछ पता नहीं चला। शाजापुर कोर्ट में बेटे की अभिरक्षा को लेकर आवेदन दिया। पुलिस को उनका पता नहीं मिला, इस कारण वारंट तामील नहीं हो पाया। इसी दौरान मालूम हुआ कि पत्नी इंदौर में खजराना की रजा कॉलोनी में इलियास के साथ रह रही है। यहां उसने मेरे बेटे का खतना करा दिया है। इलियास ने खुद को बच्चे का पिता बताकर नाम और जन्म प्रमाण पत्र भी बदलवा दिए। जबरन मजहबी स्कूल में एडमिशन करा दिया। इसके बाद पुलिस में शिकायत की। ​​​​​ कहा था- पांच लाख दे दो, पत्नी और बच्चे को ले जाओ
महेश ने पुलिस को बताया था कि इलियास के साथ और भी कई लोग हैं, जो हिंदू लड़कियों और महिलाओं के साथ उनके बच्चों का भी जबरन धर्मांतरण कराते हैं। इलियास का चचेरा भाई सरफराज और एक अन्य रिश्तेदार सईद हाफिज अहमद पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफआई) के सक्रिय सदस्य हैं। वे दोनों जेल भी जा चुके हैं। एक दिन इलियास ने मुझे मोबाइल पर कॉल किया। धमकी देते हुए कहा कि पत्नी और बेटे को सही सलामत चाहते हो तो पांच लाख रुपए दे दो और दोनों को ले जाओ। मैंने डेढ़ लाख रुपए देने की बात कही तो इलियास तैयार भी हो गया। उसके बाद उसने मुझे कोई कॉल नहीं किया। इसके बाद मैंने बाड़मेर के सिवान थाने में इलियास के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी। कुछ दिन बाद मैंने शाजापुर कोर्ट में प्रार्थना के खिलाफ तलाक की अर्जी भी दे दी। मंत्री विजयवर्गीय ने ट्वीट किया था- रासुका लगाएं मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… इंदौर में 8 साल के बच्चे का धर्म परिवर्तन इंदौर में 8 साल के मासूम का जबरन धर्म परिवर्तन और खतना करा दिया गया। बच्चे का नाम बदलकर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी बनवाया गया। ये काम बच्चे की मां ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर किया। इससे पहले वह पति का घर छोड़कर प्रेमी के पास चली आई थी। बच्चे को जबरदस्ती अपने साथ ले आई थी। पढ़ें पूरी खबर… बेटे को मुस्लिम बनाने के पीछे मेरी पत्नी का रोल 8 साल के बच्चे के जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में पीड़ित व्यापारी महेश नाहटा ने कई खुलासे किए हैं। उनके मुताबिक, आरोपी इलियास का PFI से भी कनेक्शन है। इलियास के साथ और भी कई लोग हैं, जो हिंदू लड़कियों और महिलाओं के साथ उनके बच्चों का भी जबरन धर्मांतरण कराते हैं। पढ़ें पूरी खबर…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *