जबलपुर में नगर पालिका का एकाउंटेंट रिश्वत लेते गिरफ्तार:ग्रेच्युटी फंड जारी करवाने मांगे थे 25 हजार, EOW ने पकड़ा; 20 हजार पहले ले चुका था

मंगलवार को जबलपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने नगर निगम के एक टिकट कलेक्टर को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। वहीं आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने नगर पालिका परासिया के अकाउंटेंट शैलेन्द्र शर्मा को 5,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। आरोप है कि वह शिकायतकर्ता से ग्रेच्युटी भुगतान कराने के बदले रिश्वत मांग रहा था। परेशान होकर पीड़ित ने EOW एसपी को लिखित शिकायत दी, जिसके बाद जांच कर मंगलवार को ट्रैप कार्रवाई की गई। अगस्त 2025 में हुए थे रिटायर जानकारी के अनुसार परासिया निवासी सेवानिवृत्त कर्मचारी लाल जी (पिता सुन्दर लाल पिंडपारोची) ने 13 फरवरी 2026 को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर में लिखित शिकायत देकर बताया कि वे अगस्त 2025 में सफाईकर्मी पद से रिटायर हुए थे, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें न तो ग्रेच्युटी राशि मिली और न ही पेंशन स्वीकृत हुई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे नगर पालिका डोंगर परासिया के अकाउंटेंट शैलेन्द्र शर्मा से कई बार मिले और अपनी समस्या रखी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। 20 हजार लेने के बाद भी काम रोक रखा शिकायतकर्ता ने बताया कि वह लगातार दफ्तर के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसी दौरान विभाग में अकाउंटेंट पद पर पदस्थ शैलेन्द्र शर्मा ने आश्वासन दिया कि उसका पूरा काम करा दिया जाएगा और ग्रेच्युटी व पेंशन जारी हो जाएगी, लेकिन इसके बदले 25 हजार रुपए की मांग की। पीड़ित ने काम करवाने की उम्मीद में पहले ही 20 हजार रुपए दे दिए, फिर भी उसका काम नहीं हुआ। शिकायत मिलने पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर ने सत्यापन किया, जिसमें पुष्टि हुई कि आरोपी ने 25 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी और 20 हजार लेने के बाद भी भुगतान रोक रखा था। आरोपी रिटायर्ड सफाईकर्मी के फंड और पेंशन जारी करने के नाम पर उसे परेशान कर रहा था। 17 फरवरी 2026 की दोपहर ट्रैप कार्रवाई करते हुए टीम ने आरोपी शैलेन्द्र शर्मा को नगर पालिका डोंगर परासिया कार्यालय में 5 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान प्रार्थी से संबंधित ग्रेच्युटी और पेंशन दस्तावेज भी जब्त किए गए। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

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