भोपाल में साइबर ठगों का हमला:अलग-अलग क्षेत्रों में एक ही दिन 6 केस दर्ज, 22 लाख से ज्यादा की चपत

भोपाल में साइबर ठगी के मामलों ने एक बार फिर पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को शहर के अलग-अलग थानों में साइबर ठगी के 6 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें मिसरोद में 4, अवधपुरी में 1 और हबीबगंज में 1 केस शामिल हैं। सभी मामलों में आरोपियों ने अलग-अलग तरीके अपनाए, लेकिन तरीका लगभग एक जैसा फर्जी लिंक भेजकर मोबाइल हैक करना और खाते से रकम साफ कर देना रहा है। पुलिस ने सभी मामलों में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ट्रेडिंग ऐप अपडेट करते ही खाते से 4.25 लाख उड़ाए मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित हिमालया रेसीडेंसी के रहने वाले एसएस वेंकटेश बाबू (59) ट्रेडिंग के दौरान ठगी का शिकार हो गए। वे पिछले छह माह से ऑनलाइन ट्रेडिंग कर रहे थे। हाल ही में उन्हें 800 रुपए का नुकसान हुआ, जिसके बाद उनके खाते से 2900 रुपए कट गए। इसकी शिकायत के लिए उन्होंने इंटरनेट से कस्टमर केयर नंबर खोजा। कॉल करने पर आरोपी ने उन्हें ट्रेडिंग ऐप अपडेट करने की सलाह दी। जैसे ही उन्होंने ऐप अपडेट किया, मोबाइल कुछ समय के लिए हैंग हो गया। मोबाइल सामान्य होने तक उनके बैंक खाते से 4 लाख 25 हजार रुपए निकल चुके थे। टेलीग्राम पर ‘टास्क’ का झांसा, 2.91 लाख की ठगी
मिसरोद की कोरलवुड कॉलोनी निवासी चेतना प्रधान (43) को आरोपियों ने टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा। वहां उन्हें ऑनलाइन टास्क देकर पैसे निवेश करने को कहा गया। शुरुआत में छोटे रिटर्न का भरोसा दिलाया गया। चेतना ने अलग-अलग किस्तों में कुल 2 लाख 91 हजार रुपए निवेश किए। टास्क पूरा करने के बाद भी रकम वापस नहीं मिली। जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपियों ने कहा कि गलत प्लेटफॉर्म पर निवेश हो गया है और रकम वापस पाने के लिए 4 लाख रुपए और जमा करने होंगे। इसके बाद उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। आबकारी विभाग में चयन का झांसा, 15 लाख ठगे
हबीबगंज थाना क्षेत्र के बोर्ड कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय अनुज को फोन कर आरोपियों ने आबकारी विभाग में चयन कराने का दावा किया। नौकरी का लालच देकर उनसे कई किश्तों में यूपीआई और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से 15 लाख रुपए वसूल लिए गए। रकम मिलते ही आरोपियों ने सभी संपर्क तोड़ दिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिटायर्ड भेल अधिकारी से 1.53 लाख की ठगी
अवधपुरी थाना क्षेत्र के कंचन नगर निवासी रमेशचंद्र शाक्य (65) भेल से रिटायर्ड अधिकारी हैं। वे योनो ऐप पर बैलेंस चेक कर रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर मैसेज आया। जिससे उनका योनो ऐप बंद हो गया। कुछ देर बाद कॉल आया और ऐप दोबारा चालू करने के नाम पर एक लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया। थोड़ी देर बाद खाते से 1 लाख 53 हजार रुपए निकाल लिए गए। ऐसे काम कर रहे हैं साइबर ठग पुलिस की अपील

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