मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और नई ट्रेनों की मांग को लेकर मंगलवार को रेल संघर्ष समिति ने प्रदर्शन किया। जब कलेक्टर ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे, तो नाराज प्रदर्शनकारियों ने अनोखा विरोध जताते हुए ज्ञापन को नर्मदा नदी में विसर्जित कर दिया। अपनी मांगों को लेकर विभिन्न संगठनों के साथ कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। वहां एडीएम और एसडीएम ज्ञापन लेने आए, लेकिन प्रदर्शनकारी कलेक्टर को ही बुलाने की मांग पर अड़े रहे। काफी देर इंतजार करने के बाद जब कलेक्टर नहीं आए, तो कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और माहिष्मति घाट जाकर ज्ञापन नर्मदा जी को सौंप दिया। प्रमुख रेल मांगें समिति ने रेलमंत्री के नाम तैयार ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें रखी थीं- ट्रेनों का विस्तार: इंदौर-नैनपुर पेंचवैली ट्रेन और पातालकोट एक्सप्रेस को मंडला फोर्ट तक बढ़ाया जाए। नई रेल सेवाएं: मंडला से नागपुर और जबलपुर के लिए दिन में दो बार ट्रेन चलाई जाए। साथ ही भोपाल के लिए रात की ट्रेन शुरू हो। कनेक्टिविटी: मंडला को छत्तीसगढ़ से जोड़ने के लिए बालाघाट-गोंदिया होकर नई ट्रेन शुरू की जाए। सर्वे और निर्माण: साल 2017 में स्वीकृत पेंड्रा-अमरकंटक-डिंडोरी-मंडला रेल लाइन का काम शुरू हो और मंडला-घंसौर के बीच 35 किमी नई लाइन बिछाई जाए। स्टेशन का विकास: मंडला स्टेशन पर कोचिंग डिपो, पिटलाइन और यात्रियों के लिए विश्राम गृह जैसी सुविधाएं तैयार की जाएं। रेल संघर्ष समिति का कहना है कि लंबे समय से ये मांगें लंबित हैं और प्रशासन की अनदेखी के कारण जिला रेल सुविधाओं में पिछड़ रहा है।


