मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने चालू वित्तीय वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। यह बजट 19 हजार 287 करोड़ 32 लाख रुपए का है, जिस पर 23 फरवरी को चर्चा होगी। इसके साथ ही सदन में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया गया। वहीं कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का संकल्प पेश किया। उन्होंने कहा कि हर धर्म का सम्मान होना चाहिए। गाय के अवशेषों के व्यापार पर रोक लगनी चाहिए। इस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मस्जिदों में मुल्ला-मौलवियों से कसम करवा दी जाए तो गाय कटनी बंद हो जाएगी। इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर कांग्रेस का प्रदर्शन सत्र से पहले कांग्रेस विधायकों ने इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार गंदे पानी की बोतल लेकर विधानसभा पहुंचे। उज्जैन के तराना से विधायक महेश परमार ने सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। ‘मोदियाबिंद’ बनाम ‘मोतियाबिंद’ पर मजाकिया बहस कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि मोदियाबिंद की कोई दवा नहीं है। इस पर रामेश्वर शर्मा ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि समय पर दवा ली होती तो वे बीजेपी में होते। बाद में स्पष्ट हुआ कि बात ‘मोदियाबिंद’ की थी, जिस पर सभापति ने टिप्पणी विलोपित करने के निर्देश दिए। भाजपा विधायक सीता शरण शर्मा ने कहा कि बीजेपी सरकार की योजनाओं के कारण 140 करोड़ जनता को “मोदियाबिंद” होना स्वाभाविक है। उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी 206 से 6 सीटों पर सिमट सकती है। छिंदवाड़ा कफ सिरप मामला सदन में उठा कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी योजनाओं की स्थिति पर भी सवाल खड़े किए। कांग्रेस विधायक सोहन बोले- राज्यपाल का अभिभाषण पूरा पढ़ा जाना चाहिए था कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण पूरा पढ़ा जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि 2047 तक की कार्ययोजना स्पष्ट नहीं है और केवल उपलब्धियों का बखान किया जा रहा है। इसके साथ ही सत्र के दौरान भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधायकों के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। गाय, दूषित पानी, आवारा कुत्ते, स्वास्थ्य सेवाएं और राजनीतिक बयानबाजी सत्र के मुख्य केंद्र बने रहे। आवारा कुत्तों का मुद्दा उठा, सरकार बोली- हालात काबू में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने भोपाल में आवारा कुत्तों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा- कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ये हैं कि प्रशासन और नगर निगम द्वारा नसबंदी-वैक्सीनेशन के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपए खर्च किए जाने के बावजूद न तो आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण हो पा रहा है और न ही काटने की घटनाओं में कमी आ रही है। इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा- नगर निगम भोपाल द्वारा डॉग बाइट की हर घटना को संज्ञान में लेकर त्वरित कार्रवाई की जाती है। बदलते मौसम, भोजन की उपलब्धता, ब्रीडिंग सीजन, बीमारियां और बच्चों की सुरक्षा जैसे कारणों से आवारा कुत्तों में आक्रामकता बढ़ जाती है, जिससे डॉग बाइट की घटनाएं होती हैं।
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