जबलपुर में डॉ. हेमलता की 25,000 वर्गफीट संपत्ति सील:लीज नियम तोड़कर दान की प्रॉपर्टी; 24 घंटे में डॉक्यूमेंट्स पेश करने का आदेश, 27 को सुनवाई

जबलपुर में जिला प्रशासन और नगर निगम ने वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के निधन के बाद करीब 25 हजार वर्गफीट बेशकीमती जमीन को सील कर दिया है। राइट टाउन स्थित इस संपत्ति पर नोटिस चस्पा कर घर और आसपास की प्रॉपर्टी को भी सील किया गया है। प्रशासन की कार्रवाई में डॉ. श्रीवास्तव के भवन के साथ-साथ डॉक्टर जैन दंपति को दी गई प्रॉपर्टी भी शामिल है। नगर निगम का कहना है कि लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इस जमीन को बिना अनुमति गिफ्ट किया गया था, जो नियमों के खिलाफ है। सोमवार देर रात कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासन और नगर निगम की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। मामले में अगली सुनवाई 27 फरवरी को आधारताल एसडीएम कोर्ट में तय की गई है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा। गौरी घाट में किया गया था डॉ. हेमलता का अंतिम संस्कार दरअसल, डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का रविवार शाम निधन हो गया था। सोमवार को पोस्टमॉर्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार गौरी घाट में किया गया। उनकी छोटी बहन शांति मिश्रा और गायत्री परिवार के एक सदस्य ने मुखाग्नि दी। डॉ. श्रीवास्तव के पति और बेटे का पहले ही निधन हो चुका है। दिसंबर 2025 में पति के गुजरने के बाद वे अकेली रह रही थीं। वारिस और दान को लेकर कई दावे डॉ. श्रीवास्तव की प्रॉपर्टी को लेकर कई पार्टियों ने दावे किए हैं। गायत्री मंदिर ट्रस्ट का दावा है कि डॉक्टर अपनी पूरी प्रॉपर्टी ट्रस्ट को देना चाहती थीं। वहीं डॉ. सुमित जैन का दावा है कि 2 जनवरी को उनके परिवार को मेमोरियल हॉस्पिटल बनाने के लिए 11,000 स्क्वायर फीट जमीन दान में दी गई थी। IMA के सदस्यों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की खराब शारीरिक और मानसिक सेहत के बावजूद उनसे रजिस्ट्री और डोनेशन डीड पर साइन करवाए गए। डॉ. सुमित जैन, उनकी पत्नी प्राची जैन और दूसरों के खिलाफ प्रॉपर्टी हड़पने का केस दर्ज किया गया है। नगर निगम ने लीज उल्लंघन के कारण बताए नगर निगम के अनुसार, राइट टाउन एक्सटेंशन में लीज प्लॉट नंबर 51 नगर निगम की जमीन है, जिसे बिना इजाजत के दान कर दिया गया था। इसके अलावा 2020-21 से लीज का किराया नहीं दिया गया है। जांच में बिना इजाजत के कमर्शियल गतिविधियों के संकेत भी मिले। 24 घंटे के अंदर लीगल डॉक्यूमेंट्स जमा करने का आदेश असिस्टेंट कमिश्नर शिवांगी महाजन ने 24 घंटे के अंदर लीगल डॉक्यूमेंट्स जमा करने का आदेश दिया है। कॉर्पोरेशन लीज कैंसिल करने समेत आगे की लीगल कार्रवाई करेगा। अभी सीनियर सिटिजन्स मेंटेनेंस एक्ट समेत कई पहलुओं पर जांच चल रही है। इस पूरे मामले ने शहर में एक बड़ा लीगल विवाद खड़ा कर दिया है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 1. डॉ. हेमलता का निधन, 60 करोड़ की संपत्ति अब किसकी? जबलपुर की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के निधन के बाद उनके 60 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्ति पर विवाद बढ़ गया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जमीन नगर निगम की पाई गई, कुछ हिस्सों को गिफ्ट और कुछ दान किया गया था। प्रशासन एसडीएम संदीप जायसवाल और एसपी अनिल शर्मा की निगरानी में मामले की जांच कर रहा है। पढ़ें पूरी खबर… 2. डॉ. हेमलता के लिए परेशानी बनी 50 करोड़ की प्रॉपर्टी जबलपुर की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की 50 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति अब उनके लिए परेशानी की वजह बन गई है। संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद के चलते न सिर्फ कई लोगों की नजर इस प्रॉपर्टी पर है। आरोप है कि डॉ. श्रीवास्तव का इलाज भी इससे प्रभावित हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर… 3. जबलपुर में रिटायर्ड महिला डॉक्टर को जबरिया ले गए लोग जबलपुर जिला अस्पताल में पदस्थ रह चुकी वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव को कुछ अज्ञात लोग जबरन अपनी कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। मामला सामने आते ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर मदन महल थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर…

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