योजनाओं में ढिलाई नहीं चलेगी, जवाबदेही तय होगी: कलेक्टर

भास्कर न्यूज | सारंगढ़ जिला मुख्यालय में आयोजित समय-सीमा बैठक इस बार सख्त संदेश के साथ संपन्न हुई। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने साफ शब्दों में कहा कि आम जनता से जुड़े आवेदन, मांग और शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिले की रेत खदानों में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने खनिज अधिकारी को खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर नियमित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों में प्रयुक्त ट्रैक्टरों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी जनपद पंचायतों के सीईओ को हितग्राहियों और उनके वाहनों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि रेत के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। बैठक में कलेक्टर का फोकस प्रशासनिक जवाबदेही और जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाने पर रहा। कलेक्टर ने धरती आबा, आयुष्मान भारत योजना, पीएम सूर्यघर योजना, आभा आईडी, अपार आईडी, पीएम स्वनिधि योजना और पीएम अन्नदाता आय संरक्षण अभियान जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने कहा। रायगढ़| कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में देरी या लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग को तय समय-सीमा में परिणाम देना होगा और प्रगति जमीन पर दिखनी चाहिए। बैठक की शुरुआत जनदर्शन, पीजीएन और पीजी पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा से हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आम नागरिकों से जुड़े मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का लंबित रहना प्रशासन की साख को प्रभावित करता है। निष्क्रिय खातों पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इन-ऑपरेटिव खातों के कारण विकास कार्य बाधित होते हैं और वित्तीय अनुशासन प्रभावित होता है। सभी ऐसे खातों को तत्काल ऑपरेटिव कराने और डेफ खातों को नियमानुसार बंद कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी भी दी गई। धान उपार्जन को लेकर 28 फरवरी तक पूर्ण उठाव और उसके अनुपात में चावल नागरिक आपूर्ति निगम में जमा कराने के निर्देश दिए गए।

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