भास्कर न्यूज | बेमेतरा जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं एवं पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने की। जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्ययोजना तैयार कर नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर प्रभावी अंकुश लगाने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि नशापान एक सामाजिक अभिशाप है, जो समाज की संरचना को भीतर से कमजोर करता है। युवा पीढ़ी तेजी से नशे की चपेट में आ रही है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है और परिवारों में कलह, अपराध तथा सामाजिक अशांति जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों और नागरिकों से इस कुरीति को समाप्त करने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। बैठक में नशे के अवैध व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने व उनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही। इसके साथ ही नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों को मुख्यधारा में वापस लाने नशामुक्ति केंद्रों के माध्यम से उपचार एवं परामर्श की व्यवस्था की जाएगी। पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आबकारी विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान चलाने पर जोर दिया गया। तस्करों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई होगी पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़े तस्करों और उनके नेटवर्क के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई करेगा। कहा कि जिले के उन क्षेत्रों की पहचान की जाए, जहां नशीले पदार्थों की बिक्री या खपत अधिक है। ऐसे हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष निगरानी, छापामार कार्रवाई और सतत अभियान चलाया जाएगा। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने के लिए स्कूलों, कॉलेजों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम होंगे।


