मुर्गाटोना गांव में इन दिनों भक्ति और उल्लास का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की दिव्य लीला तथा उनकी मनमोहक बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा वाचक ने श्रीकृष्ण के अवतरण की पृष्ठभूमि बताते हुए कंस के अत्याचार, देवकी-वसुदेव की पीड़ा और कारागार में भगवान के प्राकट्य की कथा को अत्यंत रोचक एवं सरल भाषा में प्रस्तुत किया। जैसे ही कृष्ण जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने खड़े होकर ताली बजाई और भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए। बाल लीलाओं के वर्णन के दौरान माखन चोरी, यशोदा मैया का वात्सल्य, पूतना वध, कालिया नाग मर्दन जैसी लीलाओं का सजीव चित्रण किया गया। कथा वाचक भागवत कृष्णा ने इन प्रसंगों के माध्यम से भक्ति, प्रेम, करुणा और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाली शिक्षाएं हैं। बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर झांकियों में भाग लिया, जिससे कार्यक्रम और भी जीवंत हो गया। रंग-बिरंगी सजावट, भजन-कीर्तन और ढोल-मंजीरे की मधुर धुनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।


