भास्कर न्यूज | जामताड़ा/ मुरलीपहाड़ी जामताड़ा जिला के नारायणपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में वर्ष 2006-07 में 88 लाख रुपये की लागत से बनी पानी टंकी आज भी अपने उद्देश्य से कोसों दूर है। लगभग 19 साल बीत जाने के बाद भी इस टंकी से एक बूंद पानी लोगों को नसीब नहीं हुआ। जिस योजना के तहत ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था, वह आज विभागीय लापरवाही और अधूरे कार्यों की भेंट चढ़ चुकी है। परिणामस्वरूप नारायणपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोग आज भी जल संकट से जूझने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2006-07 में 50 हजार गैलन क्षमता वाली इस पानी टंकी का निर्माण कराया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र और आसपास की 15 हजार आबादी को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था। शुरुआती वर्षों में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी टंकी को चालू नहीं किया गया। इसके बाद सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर अन्य योजनाएं शुरू की गईं, लेकिन यह टंकी जस की तस खड़ी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2024 में विभाग की ओर से टंकी को चालू करने का प्रयास किया गया। इस दौरान इंजीनियरों द्वारा मोटर, वाल्व और पाइप लाइन की जांच भी की गई, लेकिन फिर भी पानी आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन ही दिया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई। 2010 में पाइप उखाड़ देने से आज तक बिगड़ी है स्थिति विभाग के कनीय अभियंता के अनुसार नारायणपुर प्रखंड के बांसपहाड़ी में लगभग 2.63 करोड़ रुपये की लागत से नई पाइपलाइन और जलापूर्ति योजना पर काम चल रहा है। इस योजना के तहत पानी टंकी को चालू कर आसपास के क्षेत्रों में जलापूर्ति की बात कही गई है। बताया गया कि 2026 तक घर-घर नल जल योजना के तहत पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। 2026 के फरवरी महीने बाद भी नारायणपुर, दलदला, बीरसिंहपुर ,नतूंनडीह, कोलहरिया, पहाड़पुर, चंद्रपुर , बीचकोड़ा दर्जनाधिक गांवों में पानी की आपूर्ति की सुनिश्चित किया जाना है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2010 में गोविंदपुर-साहिबगंज स्टेट हाइवे निर्माण के दौरान योजना के लिए लगाए गए लोहे की सभी पाइपें उखाड़ ली गई थीं। आज भी पानी टंकी में लगी मशीनरी और ढांचा जर्जर हालत में है। स्थानीय लोग लगातार टंकी को चालू कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि गांवों में पानी की समस्या का समाधान हो सके। पेयजल के लिए वर्ष 2027 तक इंतजार करना पड़ेगा ग्रामीणों को: कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सहायक अभियंता अनुप कुमार महता ने बताया कि संभवतः इस गर्मी में पानी टंकी से पेयजल की आपूर्ति संभव नहीं है। अब 2027 का इंतजार लोगों को करना होगा। उन्होंने इस विषय पर ज्यादा जानकारी नहीं दी और मीटिंग में होने का बहाना बनाकर बचते नजर आए।


