नगर परिषद गुमला के सभागार कक्ष में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट द्वारा स्वच्छता कार्यक्रम और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नमस्ते योजना के तहत सफाई कर्मियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सफाई कार्य में लगे श्रमिकों को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने सफाई कर्मियों को कचरा पृथक्करण के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। कर्मियों को बताया गया कि कैसे गीले, सूखे और मेडिकल वेस्ट को अलग-अलग करना न केवल पर्यावरण के लिए जरूरी है, बल्कि उनकी स्वयं की सेहत के लिए भी अनिवार्य है। मेडिकल कचरे के सुरक्षित निपटान और जोखिम भरे कचरे की पहचान पर विशेष जागरूकता सत्र चलाया गया। प्रशिक्षण में नमस्ते योजना के प्रमुख घटकों पर विस्तार से चर्चा की गई। जो सफाई कर्मियों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस दौरान बताया गया कि शहर के सभी सीवर और सेप्टिक टैंक श्रमिकों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। ताकि उन तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंच सके। सफाई के दौरान संक्रमण और दुर्घटनाओं से बचने के लिए कर्मियों को उन्नत पीपीई किट के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया ताकि किसी भी श्रमिक को असुरक्षित तरीके से कचरे या सीवर के संपर्क में न आना पड़े। प्रशासक मनीष कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण से गुमला शहर की स्वच्छता व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। जब सफाई मित्र तकनीकी रूप से दक्ष और सुरक्षित होंगे। तभी एक स्वच्छ और सुंदर गुमला का सपना साकार होगा।


