भास्कर न्यूज | जांजगीर जिला कांग्रेस कमेटी जांजगीर‑चांपा ने मंगलवार को मनरेगा कानून में प्रस्तावित बदलाव और किसानों का पूरा धान न खरीदे जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह मदनलाल पेट्रोल पंप पर हुई सभा से हुई, जो लगभग तीन घंटे चली। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान पैदल मार्च करते हुए करीब एक किलोमीटर दूर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पहली बेरिकेड तोड़ दी, लेकिन कलेक्ट्रेट गेट में प्रवेश नहीं कर पाए। कलेक्टर कार्यालय के सामने लगे टिन शेड को खटखटाकर आंदोलन समाप्त किया गया। इस दौरान लगातार नारेबाजी होती रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा बनाए रखने पुलिस बल तैनात रहा। सभा के बाद कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। विरोध प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, छत्तीसगढ़ कांग्रेस सह प्रभारी विजय जांगिड़, जांजगीर‑चांपा विधायक व्यास कश्यप, अकलतरा विधायक राघवेंद्र सिंह, पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। मनरेगा जनआंदोलनों से निकला कानून है: डॉ. महंत डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि मनरेगा कोई सामान्य योजना नहीं, बल्कि जनआंदोलनों से निकला कानून है। यह कानून ग्रामीणों को 100 दिन का रोजगार, महिलाओं और भूमिहीन मजदूरों को सशक्तिकरण और गांवों में विकास का अवसर प्रदान करता है। बदलाव मंजूर नहीं: विजय छत्तीसगढ़ कांग्रेस सह प्रभारी विजय जांगिड़ ने कहा कि मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के नेतृत्व में लागू हुई इस योजना को वर्तमान सरकार बदलने की कोशिश कर रही है, जिसका कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी। विधायकों ने रखी बात विधायक ब्यास कश्यप ने कहा कि नया प्रस्ताव रोजगार की कानूनी गारंटी खत्म करने का प्रयास है। विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य से योजना में 40 प्रतिशत राशि देने की बात कही है, जबकि राज्य संसाधन सीमित हैं। विधायक शेषराज हरवंश ने आरोप लगाया कि मनरेगा के नाम को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। विधायक बालेश्वर ने कहा कि योजना को उसके मूल स्वरूप में वापस लाने तक विरोध जारी रहेगा।


