“उपवास’ का वास्तविक अर्थ है परमात्मा के समीप मन से वास करना: रामा दीदी

भास्कर न्यूज | कांकेर महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारीज केंद्र कांकेर द्वारा शिव जयंती का भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और वातावरण भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मत्स्य कल्याण बोर्ड अध्यक्ष भारत मटियारा थे। विशेष अतिथि के रूप में सहयोग संस्था अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी, नगरपालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक, शहर मंडल उपाध्यक्ष योगेश साहू तथा भाजपा प्रवक्ता राजीव लोचन सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्माकुमारीज कांकेर जिले की मुख्य संचालिका बीके रामा दीदी ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ शिव बाबा की पावन स्मृति एवं आह्वान के साथ हुआ। सभी अतिथियों ने शिव ज्योति लिंग पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। चारामा की संचालिका बीके यूस बहन एवं भानुप्रतापपुर की संचालिका बीके अघन बहन ने तिलक, बैज, पुष्प एवं पट्टे से अतिथियों का सम्मान किया। तत्पश्चात दीप प्रज्वलन, केक कटिंग एवं शिव ध्वज फहराकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। सभी अतिथियों ने उपस्थित जनसमुदाय को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए अपने अनुभव साझा किए और आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संदेश दिया। अपने उद्बोधन में बीके रामा दीदी ने शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि “उपवास” का वास्तविक अर्थ है परमात्मा के समीप मन से वास करना। उन्होंने बताया कि शिव बाबा को भोलानाथ एवं भोले भंडारी कहा जाता है, जो अपने भक्तों से आह्वान करते हैं कि वे अपने भीतर के अवगुण—काम, क्रोध, मोह, लोभ, अहंकार, ईर्ष्या और द्वेष रूपी विष—उन्हें अर्पित कर दें। उन्होंने कहा कि सच्ची शिवरात्रि तभी सार्थक होगी, जब हम बाहरी आडंबरों के बजाय अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर सद्गुणों को अपनाएं। “सदा ईश्वरीय नशा रखें कि मैं शिव बाबा की संतान हूं और वे मेरे पिता हैं। यदि इस भाव को समझ लिया, तो जीवन स्वतः ही पवित्र और आनंदमय बन जाएगा,” उन्होंने कहा। कार्यक्रम में कांकेर के साथ-साथ चारामा और भानुप्रतापपुर से भी संस्था के सदस्य एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का वातावरण बना रहा।

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