भास्कर न्यूज | कोरबा एनटीपीसी की इंडियन पावर स्टेशन ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (ओएंडएम) कान्फ्रेंस में बिजली क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि पर डीएसपीएम प्लांट कोरबा को विद्युत केन्द्र सम्मान से नवाजा गया। संयंत्र को वर्ष 2024-25 के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला विद्युत केंद्र सम्मान प्रदान किया गया, जो डीएसपीएम प्लांट के उत्कृष्ट उत्पादन, उच्च कार्यकुशलता व विश्वसनीय संचालन का प्रतीक भी है। डीएसपीएम प्लांट ने बिजली उत्पादन में आने के बाद से कई कीर्तिमान रचा है। इसी कड़ी में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए डीएसपीएम संयंत्र की उपलब्धि पर इंडियन पावर स्टेशन (ओएंडएम) कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। इसे उत्पादन कंपनी के प्रबंध निदेशक एसके कटियार ने लिया। राज्य बिजली वितरण, उत्पादन व ट्रांसमिशन कंपनियों के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। डीएसपीएम प्लांट को पुरस्कार मिलने से यह उपलब्धि कोरबा जिले ही नहीं बल्कि राज्य बिजली कंपनी के साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य का गौरव बढ़ाया है। बिजली अधिकारियों ने इसे राज्य के बिजली क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य संस्कृति और समर्पण का परिणाम बताया। रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में देशभर के बिजली उत्पादन संगठनों के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ उपस्थित रहे। जिले में राज्य बिजली उत्पादन कंपनी की डीएसपीएम प्लांट 500 मेगावाट उत्पादन क्षमता की है, जहां 250 मेगावाट की दो बिजली इकाईयां स्थापित है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद उत्पादन कंपनी का प्रदेश में यह पहला संयंत्र भी है। साल 2004 में संयंत्र की बिजली इकाईयां उत्पादन में आई। राज्य गठन से पहले की बिजली प्लांट में एचटीपीपी संयंत्र की 210 मेगावाट की चार पुरानी इकाईयां और कोरबा पूर्व प्लांट है। साल 2018 से कोरबा पूर्व प्लांट को बंद करने के निर्णय के बाद डिस्मेंटल किया जा चुका है। उत्पादन कंपनी के एचटीपीपी विस्तार से निर्माणाधीन 1320 मेगावाट संयंत्र अभी तक का सर्वाधिक क्षमता का विस्तार प्लांट होगा। डीएसपीएम पावर प्लांट देश में तीसरे नंबर की सर्वाधिक पीएलएफ हासिल करने वाला बिजली संयंत्र भी रह चुका है। यह उपलब्धि वित्तीय वर्ष 2023-24 में संयंत्र ने 4072 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन 92.73 फीसदी प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) से हासिल किया है। संयंत्र की उत्पादित बिजली को परिसर के स्विच यार्ड और कोरबा पश्चिम के उपकेन्द्र से सप्लाई की जाती है। इस तरह छत्तीसगढ़ की घरेलू बिजली की जरूरतें पूरी करने में संयंत्र की मदद ली जा रही है। साल 20210 में ऊर्जा संरक्षण में बेहतर भागीदारी पर केन्द्र सरकार ने डीएसपीएम पावर प्लांट को पुरस्कार दे चुकी है।


