पथरिया | शाला परिवार की ओर से विद्यार्थियों को प्रकृति और पर्यावरण से जोड़ने के लिए बांध, पर्वत, जंगल व धार्मिक-शैक्षणिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। भ्रमण की शुरुआत बाबा डोंगरी गुफा से हुई, जहां सरस्वती माता, दुर्गा माता और भोलेनाथ के दर्शन किए गए। इसके बाद शक्तिपीठ शाकंभरी माता व भुवनेश्वरी माता मंदिर में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने आशीर्वाद लिया। यहां प्रधानपाठक ने विद्यार्थियों को शाकाहारी जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया। खुड़िया संकुल समन्वयक विनोद सिंह ने खुड़िया बांध के इतिहास और महत्व की जानकारी दी। अंग्रेजों द्वारा निर्मित यह बांध आज भी क्षेत्र की सिंचाई का प्रमुख आधार है। विद्यार्थियों ने अचानकमार अभ्यारण्य के जंगलों बिजराकछार, मौहमाचा, सरगढ़ी व झिरिया का भ्रमण कर प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव किया। डोंगरीगढ़ में भुवनेश्वरी माता व अन्य मंदिरों के दर्शन के बाद शासकीय प्राथमिक शाला पीथमपुर का अवलोकन किया गया। यहां दुर्लभ औषधीय पौधों, राम सेतु पत्थर व अन्य शैक्षणिक सामग्री ने बच्चों को आकर्षित किया। भ्रमण में बसंत राजपूत और गणेश नायक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


