भास्कर न्यूज | जांजगीर चांपा थाना क्षेत्र में हुए हत्याकांड में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। बार‑बार के झगड़ों और धमकियों के बाद 39 वर्षीय सूरज सिंह राजपूत ने घर में ही लोहे के पाइप से अपनी भाभी सीमा सिंह की हत्या कर दी थी और मां गुड्डी सिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल बन गया था। मामले में दोष साबित होने पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह राजपूत ने आरोपी सूरज सिंह को धारा 103(1) भारतीय दंड संहिता के तहत आजीवन कारावास और 5000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके साथ ही धारा 109 भा.न्या.सं. के तहत मां की हत्या के प्रयास में 10 वर्ष सश्रम कारावास और 5000 रुपए के जुर्माने से भी दंडित किया गया। अर्थदंड न भरने पर दोनों सजाओं में अलग‑अलग छह‑छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने बताया कि घटना 24 दिसंबर 2024 की है। दोपहर में घर लौटे मनोज सिंह ठाकुर जब खाना खाकर बैठे थे, तभी उनके बड़े भाई सूरज ने मां और पत्नी को गाली देना शुरू कर दिया। मनोज द्वारा समझाने पर सूरज कुछ देर के लिए बाहर चला गया। बाद में शाम करीब 4.30 बजे एक महिला पड़ोसी ने फोन कर बताया कि सूरज घर में बुरी तरह मारपीट कर रहा है। मनोज जब घर पहुंचे तो उनकी पत्नी सीमा सिंह बिस्तर पर मृत पड़ी थीं और मां गुड्डी सिंह सिर से लहूलुहान अवस्था में मिलीं। जांच में पाया गया कि सूरज ने लोहे की पाइप से बेरहमी से वार किए थे। घटना की गंभीरता और क्रूरता को देखते हुए लोक अभियोजक ने अदालत में कड़ी सजा की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि घरेलू हिंसा और परिवार के सदस्यों पर इस प्रकार के हमले किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जा सकते।


