फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और दस्तावेजों से 15 लोगों के खाते से निकाले 1.19 करोड़

प्रशासनिक रिपोर्टर | दुर्ग पाटन पुलिस ने नेशनल पेंशन स्कीम में फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश कनौजिया निवासी बोरसी को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी राजेश ने एचडीएफसी लाईफ कंपनी लिमिटेड के कर्मचारी राजेश ठाकुर के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा को अंजाम दिया। पुलिस की जांच में पता चला है​ कि दोनों ठगों ने मिलकर एनपीएस स्कीम के तहत जमा 15 खाताधारकों के खाते से 1.19 करोड़ रुपए निकाल लिए हैं। पूरे फर्जीवाड़े का पता सेवानिवृत्त बीएसपी कर्मी के आवेदन से चला है। पुलिस के मुताबिक दोनों ठग जीवित खाताधारकों को मृत बताकर बैंक में जमा बीमा का सौ प्रतिशत पैसा उसके नॉमिनी का खाते में जमा करवा देते थे। एवज में दोनों मिलकर 5 प्रतिशत कमीशन एडवांस में लेते थे। एनपीएस स्कीम के तहत जीवित खाताधारक सिर्फ 60 प्रतिशत पैसा ही निकाल सकता है। बाकी के 40 प्रतिशत राशि उसे पेंशन और ब्याज के तौर पर मिलती रहती है। खाताधारक की मौत के बाद पूरा पैसा नॉमिनी के खाते में ट्रांसफर हो जाते हैं। लेकिन इसके लिए खाताधारक की मृत्यु प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज जमा करना होता है। इसी बात का फायदा उठाकर ठग जीवित खाताधारकों को एनपीएस की सौ प्रतिशत राशि मृत्यु होने के पहले दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे। पुलिस के मुताबिक बैंककर्मी राजेश ठाकुर अभी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।

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