भास्कर न्यूज | नारायणपुर जिले में माता मावली मेला के अंतिम दिवस का आयोजन भव्य एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बस्तर सांसद महेश कश्यप उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सांसद ने नारायणपुर की जनता एवं सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति और परंपरा हमारी पहचान है, जिसे सदैव संरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने बताया कि वन मंत्री केदार कश्यप द्वारा माता मावली मेला को उत्सव का दर्जा प्रदान किया गया है और अब इसे माता मावली उत्सव के रूप में आयोजित किया जाएगा। सांसद कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मन की बात में माता मावली मेला नारायणपुर का उल्लेख कर इसकी सांस्कृतिक महत्ता को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि माता मावली मड़ई क्षेत्रीय लोक संस्कृति, परंपरागत आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, जिसका निर्वहन सैकड़ों वर्षों से किया जाता रहा है। राज्य शासन द्वारा लोक कला और परंपराओं के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम तथा नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल ने भी संबोधित करते हुए मेले की गरिमा और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। माता मावली मेला के अवसर पर आयोजित रील प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। सांसद महेश कश्यप द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले हर्षित नेताम को 20 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। द्वितीय स्थान नाशिक सहारे को 10 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान चमन कचलाम को 5 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बिलासपुर से आए अलंकार बैंड की शानदार प्रस्तुति रही।


