पाटन | पाटन के वार्ड 6 शांति चौक में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में मंगलवार को दूसरे दिन पं. कृष्ण कुमार तिवारी ने सृष्टि वर्णन की कथा, मनु सतरुपा से मानव सृष्टि विस्तार की कथा और सती चरित्र की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि सती, प्रजापति दक्ष की पुत्री थीं, जो उनकी 16 पुत्रियों में सबसे छोटी 16 थीं। राजा दक्ष ने जानबूझकर शिवजी को अपमानित करने की दृष्टि से यज्ञ का आयोजन कराया, जिसमें उन्होंने शिव और सती को आमंत्रित नहीं किया। फिर भी सती अपने पिता के घर चली गईं, जहां शिवजी व उनका अपमान हुआ। अपमान सहन न कर पाने पर माता सती ने अपने पति के सम्मान और अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए यज्ञ में अपनी आहुति दे दी।


