प्रदेश का पहला AI बेस्ड कैमरों वाला शहर बनेगा भीलवाड़ा, लोकेशन के साथ AI एनालिटिक्स मैपिंग करेगा कैमरा

राकेश पाराशर | भीलवाड़ा आने वाले चार महीनों में भीलवाड़ा प्रदेश का ऐसा पहला शहर होगा, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सीसीटीवी कैमरों से युक्त होगा। अपराधी इन एआई बेस्ड कैमरों के जरिये पहचाने जाकर कानून के शिकंजे में होंगे। कोई अपराधी या वांछित आरोपी किसी चौराहे से गुजरते समय कैमरे में नजर आते ही पहचाना जाएगा। किसी अपराध में काम लिए गए या ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन भी एआई कैमरों की जद में आकर पकड़े जाएंगे। शहर की सुरक्षा व्यवस्था जल्द ही हाईटेक होकर और मजबूत हो जाएगी। करीब 3 करोड़ रुपए की लागत से योजना के तहत शहर में पहले से अभय कमांड सेंटर से जुड़े सीसीटीवी कैमरों को एआई तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा। ये कैमरे संदिग्ध गतिविधियों की खुद ही पहचान कर अलर्ट भी जारी करेंगे। इसमें मोशन डिटेक्शन, फेशियल रिकग्निशन, हथियार व वाहनों जैसी वस्तुओं की पहचान, भीड़ की गणना, वाहनों की नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। इसके जरिये ट्रैफिक उल्लंघन करने वालों पर भी पैनी नजर रहेगी। एसपी धर्मेंद्रसिंह यादव के प्रस्ताव पर विधायक अशोक कोठारी द्वारा भीलवाड़ा शहर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए करीब 3 करोड़ रुपए का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। योजना के तहत शहर में आगामी चार महीने में 350 एआई बेस्ड सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, जो अभय कमांड सेंटर से जुड़े होंगे। पुराने सीसीटीवी कैमरों को भी एआई तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा। परियोजना को बीएसएनएल की सिस्टर कंपनी इंडियन टेलीकॉम इंडस्ट्री (आईटीआई) के माध्यम से क्रियान्वित करने का प्रस्ताव है। अभय कमांड सेंटर से शहर में लगे कैमरों का डेमो देखते विधायक अशोक कोठारी, एसपी धर्मेंद्र सिंह । 13 खासियतें : 1. पशु पहचान, 2. घुसपैठ पहचान, 3. ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान, 4. सीट बेल्ट उल्लंघन पहचान, 5. चेहरा पहचान प्रणाली, 6. गलत दिशा में वाहन चलने की पहचान, 7. लावारिस वस्तु पहचान, 8. आग एवं धुआं पहचान, 9. नो-पार्किंग पहचान, 1 0. बिना हेलमेट पहचान, 11. ट्रिपल राइडिंग उल्लंघन पहचान, 12. वाहन विशेषता पहचान एवं 13. व्यक्ति विशेषता पहचान एआई तकनीक से लैस कैमरे सिर्फ रिकॉर्डिंग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों की स्वतः पहचान कर अलर्ट भी जारी करेंगे। ^इस परियोजना का उद्देश्य शहर में अपराधों पर नियंत्रण, त्वरित पुलिस कार्रवाई, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और आमजन को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। इस योजना के लिए बजट मंजूर कर दिया गया है। प्रथम चरण पूरा होने के बाद यह योजना भीलवाड़ा को एक स्मार्ट और सुरक्षित शहर के रूप में विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगी। – अशोक कोठारी, विधायक शहर भीलवाड़ा ^एआई सिस्टम की मदद से किसी भी झगड़ा, मारपीट और संदिग्ध गतिविधियों जैसे व्यवहारों का विश्लेषण किया जा सकेगा। किसी भी घटना के बाद आरोपी या वाहन की मूवमेंट का रूट चार्ट तैयार किया जा सकेगा। इसके साथ ही हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधियों की गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखी जा सकेगी। संदिग्ध और आपराधिक गतिविधि देखते ही ये सिस्टम अभय कमांड सेंटर पर अलर्ट देगा। इन कैमरों के जरिए ओवरस्पीड, लेन क्रॉसिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, नो-एंट्री और नो-मैन जोन उल्लंघन जैसी ट्रैफिक गड़बड़ियों पर स्वतः कार्रवाई संभव होगी। इससे यातायात व्यवस्था सुधारने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है। – धर्मेंद्रसिंह यादव, एसपी भीलवाड़ा

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