भास्कर न्यूज | बालोतरा राज्यव्यापी प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान के अंतर्गत मंगलवार को जिले की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में व्यापक जन जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत राजस्थान सरकार के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है, इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को प्लास्टिक कचरे से मुक्त बनाना है। एसीईओ हीराराम कलबी ने बताया कि अभियान के तहत स्कूल परिसरों तथा आसपास के क्षेत्रों में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने सामूहिक स्वच्छता अभियान चलाते हुए प्लास्टिक कचरे का संग्रह किया। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ स्कूल स्तर पर प्लास्टिक बैंक की स्थापना भी की, जिसमें संग्रहित प्लास्टिक कचरे का वर्गीकरण एवं सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन की ओर से ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वाधिक प्लास्टिक संग्रह करने वाले स्कूलों को सम्मानित करने की घोषणा भी की गई है। कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को प्लास्टिक कचरे के दुष्प्रभाव, उसके वैज्ञानिक निस्तारण तथा पुन: उपयोग के तरीकों के बारे में जागरूक किया गया। अनुपयोगी प्लास्टिक सामग्री से उपयोगी एवं आकर्षक कलाकृतियां बनाने के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की गई, जिससे बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित हो सके। जागरूकता को जनांदोलन का रूप देने के उद्देश्य से मेरा गांव प्लास्टिक कचरा मुक्त गांव विषय पर पोस्टर निर्माण, प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभाव पर निबंध लेखन, कपड़े के बैग पर डिजाइन प्रतियोगिता तथा वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित हुई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर प्लास्टिक मुक्त भविष्य का संदेश दिया। इसके अतिरिक्त बच्चों के लिए पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित कहानी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्लास्टिक प्रदूषण से होने वाले नुकसान व स्वच्छ जीवन शैली अपनाने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि जिले में अभियान के दौरान स्कूलों, ग्राम पंचायतों एवं आमजन की सक्रिय भागीदारी से प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने की दिशा में ठोस परिणाम प्राप्त होने की उम्मीद है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद कर कपड़े एवं जूट के थैलों को अपनाएं और स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण अनुकूल समाज के निर्माण में सहयोग दें।


