भास्कर न्यूज | बाड़मेर शहर के गेहूं रोड स्थित खसरा संख्या 1437 में गैर मुमकिन नाला पर किए अतिक्रमण के खिलाफ मंगलवार को नगरपरिषद ने कार्रवाई करते हुए पीला पंजा चलाया। नाले की जमीन पर लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर पूर्व में नगरपरिषद ने निरीक्षण कर 60 अतिक्रमण को चिह्नित किया था। अतिक्रमण करने वालों को पाबंद कर हटाने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को सुबह भारी लवाजमे के साथ आयुक्त भगवतसिंह परिहार जेसीबी, ट्रैक्टर और अतिक्रमण दल के साथ मौके पर पहुंचे। दल ने चिह्नित किए अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। साथ ही लंबे समय से सरकारी भूमि पर किए गए स्थाई और अस्थाई कब्जों को हटाकर बेशकीमती जमीन को मुक्त कराया गया। नाले पर अतिक्रमण को लेकर स्थानीय लोगों ने शिकायतें की थी। पूर्व में भी इस संबंध में कई बार बैठकों में आमजन द्वारा मांग भी उठाई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिला कलेक्टर टीना डाबी ने 13 जुलाई को नाले की जमीन पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अतिक्रमण को हटाने के नगरपरिषद को निर्देश दिए। नगरपरिषद द्वारा पुलिस प्रशासन से सुरक्षा मांगते हुए मंगलवार को दल सहित मौके पर पहुंचे और 60 अतिक्रमणों को हटाया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार हुकमीचंद थे। आयुक्त ने बताया कि खसरा संख्या 1437 की यह भूमि वाटर बॉडी की श्रेणी में आती है, जो प्राकृतिक जल निकासी के लिए महत्वपूर्ण है। आयुक्त भगवतसिंह परिहार ने बताया कि यह भूमि 16 मई 2025 को आधिकारिक रूप से नगर परिषद को हस्तांतरित की गई थी। इसके बावजूद कुछ रसूखदार लोगों ने यहां अवैध निर्माण कर लिया था। मंगलवार को पुलिस बल और नगर परिषद की टीम ने पीला पंजा चलाकर इन कब्जों को हटा दिया। नगर परिषद और राजस्व विभाग की इस कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। प्रशासन की मुस्तैदी के चलते अतिक्रमण हटाने का कार्य पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। नगर परिषद ने चेतावनी दी है कि सरकारी भूमि या जल निकायों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। बाड़मेर. गेहूं रोड पर अतिक्रमण हटाते हुए।


